बंधन बैंक का भविष्य पर अनुमान कमज़ोर, शेयर बाज़ार में आई 17% से ज़्यादा की भारी गिरावट
बंधन बैंक के निवेशकों के लिए बुधवार का दिन मुश्किलों भरा रहा, जब बैंक के शेयर में 17% से ज़्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस बड़ी बिकवाली की मुख्य वजह बैंक द्वारा भविष्य के लिए अपने मुनाफ़े के…
बंधन बैंक के निवेशकों के लिए बुधवार का दिन मुश्किलों भरा रहा, जब बैंक के शेयर में 17% से ज़्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस बड़ी बिकवाली की मुख्य वजह बैंक द्वारा भविष्य के लिए अपने मुनाफ़े के अनुमान को घटाना है, जिसके पीछे ऊँची परिचालन लागत और कम मार्जिन जैसी चुनौतियाँ हैं।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बंधन बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने 'रिटर्न ऑन एसेट' (ROA) के अनुमान में कटौती की है। ROA यह बताता है कि कोई बैंक अपनी संपत्ति का इस्तेमाल करके कितना मुनाफ़ा कमा रहा है। बैंक ने वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही के लिए यह अनुमान 1.6-1.8 प्रतिशत से घटाकर 1.2-1.4 प्रतिशत कर दिया है। इस 40 आधार अंकों की कटौती में 30 अंकों की वजह शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) में कमी और 10 अंकों का योगदान परिचालन लागत में बढ़ोतरी का है।
शेयर बाज़ार में प्रदर्शन
इस घोषणा का असर बैंक के शेयर पर तुरंत दिखा। दोपहर 12 बजे तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर बंधन बैंक का शेयर 17.44 प्रतिशत टूटकर 172.40 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दिन के दौरान यह 171.56 रुपये के निचले स्तर तक भी गया। यह गिरावट तब हुई जब भारतीय शेयर बाज़ार में भी कमजोरी का माहौल था; सेंसेक्स 690 अंक और निफ्टी 188 अंक नीचे थे, और निफ्टी बैंक इंडेक्स में भी 1.30% की गिरावट देखी गई।
तिमाही नतीजे अच्छे, फिर भी भविष्य की चिंता
दिलचस्प बात यह है कि बैंक के हालिया तिमाही नतीजे सकारात्मक थे। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में निजी क्षेत्र के इस बैंक का मुनाफ़ा लगभग 35% बढ़कर 502 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 372 करोड़ रुपये था। इस दौरान, बैंक की शुद्ध ब्याज आय भी सालाना आधार पर 6% बढ़कर 2,921 करोड़ रुपये रही और शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 6.2% पर स्थिर रहा।
बैंक की संपत्ति की गुणवत्ता, यानी एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। सकल एनपीए (NPA) पिछली तिमाही के 3.27% से घटकर 3.15% रह गया, जबकि शुद्ध एनपीए 0.97% से कम होकर 0.93% पर आ गया। इसके अलावा, बैंक के प्रोविजन (डूबे कर्ज़ के लिए रखी जाने वाली राशि) में भी भारी कमी आई, जो एक साल पहले के 1,147 करोड़ रुपये से घटकर 683 करोड़ रुपये रह गई, जिससे मुनाफ़े को सहारा मिला। इसके बावजूद, भविष्य के आउटलुक ने निवेशकों की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया।
इनपुट: IANS



