क्या दक्षिण अफ्रीका ने भारतीय कोरोना वैक्सीन को वापस भेज दिया है ?
दक्षिण अफ्रीका ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से कोविड-19 की 10 लाख खुराकें वापस लेने के लिए कहा है। सीरम इंस्टीट्यूट ने फरवरी में ये खुराकें भेजी थीं।
दक्षिण अफ्रीका ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से कोविड-19 की 10 लाख खुराकें वापस लेने के लिए कहा है। सीरम इंस्टीट्यूट ने फरवरी में ये खुराकें भेजी थीं। एक हफ्ते पहले ही अफ्रीका ने कहा था कि AstraZeneca का उसके वैक्सिनेशन प्रोग्राम में इस्तेमाल फिलहाल रोक दिया जाएगा। सीरम इंस्टीट्यूट AstraZeneca के सबसे बड़े सप्लायर के रूप में उभरा है। भारत ने पिछले हफ्ते 10 लाख खुराकें दक्षिण अफ्रीका भेजी थीं और अगले कुछ हफ्ते में 5 लाख खुराकें भेजी जानी थीं।

दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. ज्वेली मखिजे (Dr. Zweli Mkhize) ने उन खबरों का खंडन किया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की तरफ से भेजी गई कोरोना वैक्सीन की 10 लाख डोज को दक्षिण अफ्रीका वापस लौटाना चाहता है। दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि हमने एस्ट्राजेनेक की कोविड वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को लौटाने के लिए बिल्कुल भी नहीं कहा है। हम वैक्सीन भारतीय कंपनी को नहीं लौटाएंगे।

दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. ज्वेली मखिजे ने संसद में कहा, ''मैं कुछ मीडिया रिपोर्टों का खंडन करना चाहूंगा, जिसमें दावा किया गया है कि हम भारत को कोरोना वायरस के टीके लौटा रहे हैं। हम एस्ट्राजेनेका के टीके भारत को नहीं लौटा रहे हैं। हमारी ऐसी कोई योजना नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हमने एस्ट्राजेनेका से जो वैक्सीन की डोज खरीदी थी, वो अफ्रीकी संघ (एयू) को दी जा चुकी हैं, जिसका हम भी हिस्सा हैं। एयू यह वैक्सीन डोज उन देशों को वितरित करेगा, जिन्होंने पहले ही स्टॉक हासिल करने में रुचि व्यक्त की है।''
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया एक मुख्य वैक्सीन सप्लायर के तौर पर उभरा है, जो ऑक्फोर्ड-एस्ट्राजेनका की वैक्सीन का प्रोडक्शन कर रहा है। पिछले हफ्ते ही दक्षिण अफ्रीका में सीरम की वैक्सीन की 10 लाख डोज की पहली खेप पहुंची थी। पांच लाख डोज अगले कुछ हफ्तों में वहां पहुंचने वाली है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविड वैक्सीन कोविशील्ड को दुनिया में कहीं भी इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। इस बीच दक्षिण अफ्रीका से वैक्सीन लौटाए जाने की खबर चर्चा का विषय बनी हुई थी, जिसका दक्षिण अफ्रीकाई स्वास्थ्य मंत्री ने खंडन किया और इसे अफवाह करार दिया।
बता दें कि साउथ अफ्रीका में अब तक टीकाकरण की शुरुआत नहीं हुई है. उसने फैसला किया है कि वह अपने यहां के हेल्थ वर्कर्स को जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन देगा. ये टीकाकरण अभियान रिसरचर्स के साथ एक स्टडी की तरह होगी.

कंपनी का कहना है कि अब नए वायरस के लिए इसी वैक्सीन को तैयार किया जाएगा और जल्द ही यह तैयार हो जाएगी। महामारी के इतने महीने में कोरोना वायरस हजारों बार म्यूटेट हुआ है लेकिन वैज्ञानिकों को तीन वेरियंट्स को लेकर चिंता है जो पहले से ज्यादा संक्रामक हैं। इनमें ब्रिटेन के केंट, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील के वेरियंट शामिल हैं। इनमें से दक्षिण अफ्रीकी वेरियंट वैक्सीन के खिलाफ प्रतिरोधी मालूम पड़ रहा है और दुनिया के कई हिस्सों में पाया जा चुका है।
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