पत्रकार छत्रपति हत्याकांड: गुरमीत राम रहीम को बरी करने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है…
सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को शीर्ष अदालत ने इस मामले में गुरमीत राम रहीम और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जवाब तलब किया है।
यह याचिका पत्रकार छत्रपति के बेटे ने दायर की है, जिन्होंने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए 16 नवंबर से शुरू होने वाला सप्ताह निर्धारित किया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि राज्य सरकार इस मामले में अपील में नहीं आई है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला साल 2002 का है, जब अक्टूबर महीने में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को उनके घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद 21 नवंबर 2002 को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।
इस हत्याकांड में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने जनवरी 2019 में गुरमीत राम रहीम, कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। डेरा प्रमुख और अन्य सह-आरोपियों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट का फैसला
इसी साल मार्च 2026 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए गुरमीत राम रहीम को बरी कर दिया था। अदालत ने अपने फैसले में राम रहीम के खिलाफ पर्याप्त सबूतों के अभाव का हवाला दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने इसी मामले में अन्य तीन दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था।
उल्लेखनीय है कि डेरा प्रमुख राम रहीम 2017 से बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में है। इस दौरान उसे मिली कई पैरोल और फरलो को लेकर भी विवाद होता रहा है।
इनपुट: IANS



