सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
गुजरात

वलसाड: दमन-गंगा नदी पर ₹160 करोड़ की बैराज परियोजना से बदलेगी वापी की तस्वीर

गुजरात के वलसाड जिले में पानी की सुरक्षा और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना जल्द ही धरातल पर उतरने वाली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वापी के पास दमन-गंगा नदी पर…

वलसाड: दमन-गंगा नदी पर ₹160 करोड़ की बैराज परियोजना से बदलेगी वापी की तस्वीर
(फोटो: IANS)

गुजरात के वलसाड जिले में पानी की सुरक्षा और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना जल्द ही धरातल पर उतरने वाली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वापी के पास दमन-गंगा नदी पर 159.50 करोड़ रुपये की लागत से एक बैराज का निर्माण किया जाएगा, जिससे इलाके में पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ने के साथ-साथ भूजल स्तर में भी सुधार होगा।

विज्ञापन

यह इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (EPC) परियोजना वापी तालुका के नामधा गांव के पास प्रस्तावित है। इसका स्थान मौजूदा वापी वियर से लगभग 3 किलोमीटर नीचे की ओर होगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर तक पीने और सिंचाई का पानी पहुँचाने के विजन को साकार करना है।

किसानों और उद्योगों को सीधा लाभ

इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा सिंचाई के क्षेत्र में होगा। बैराज के बनने से लगभग 549 हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए सिंचाई की क्षमता पैदा होगी। लिफ्ट सिंचाई के माध्यम से छह गांवों—नामधा, चंदोर, मोहन, एकलहारे, नहुली और जांबुरी—के किसानों तक पानी पहुंचाया जाएगा। साल भर पानी की निश्चित उपलब्धता से किसान एक साल में दो या उससे अधिक फसलें उगा सकेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, यह बैराज वापी और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक और नगरपालिका की जरूरतों के लिए पानी की आपूर्ति को भी सुदृढ़ करेगा।

क्षमता और राजस्व

पूरा होने पर इस बैराज की कुल भंडारण क्षमता 5.49 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) होगी और इसका जलग्रहण क्षेत्र 2,250.73 वर्ग किलोमीटर होगा। मौजूदा आंकड़ों (2024-25) के मुताबिक, वापी वियर ने औद्योगिक उपयोग, जलापूर्ति और नगरपालिका को पानी देकर 69.15 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। नए बैराज से भंडारण क्षमता बढ़ने पर नागरिक निकायों के लिए अतिरिक्त राजस्व पैदा होने की भी संभावना है।

भूजल रिचार्ज और खारेपन पर नियंत्रण

यह परियोजना भूजल स्तर को सुधारने में भी अहम भूमिका निभाएगी। बैराज अपने अपस्ट्रीम में लगभग 3.5 किलोमीटर तक पानी का भंडारण करेगा, जिससे वापी शहर में मौजूद ट्यूबवेल रिचार्ज होंगे। इससे न केवल भूजल की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि मिट्टी की सेहत भी बेहतर होगी। साथ ही, इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह ज्वार-भाटा के पानी को नियंत्रित करेगा और नदी तल में खारे पानी की घुसपैठ को रोकेगा।

वापी शहर का कायाकल्प

इस बहुआयामी परियोजना से वापी शहर को कई तरह से लाभ मिलेगा। शहर की लगभग 2.3 लाख की आबादी के लिए पीने के पानी की सुविधा बेहतर होगी। इसके अतिरिक्त, रिवरफ्रंट विकास, पार्क और बोटिंग जैसी मनोरंजक सुविधाओं के अवसर भी पैदा होंगे। नदी पर एक नया रोड कॉरिडोर बनने से आवागमन भी सुगम होगा, जिससे पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र का समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित होगा।

इनपुट: IANS

N

News4Social गुजरात डेस्क

News4Social गुजरात डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से गुजरात से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →