यमुना एक्सप्रेसवे लूट: कर्ज़ में डूबे कारोबारी ने ही रची थी करोड़ों के सोने-चांदी की लूट की साज़िश, 5 गिरफ़्तार
ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई करोड़ों की लूट का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित सर्राफा व्यापारी का ही एक परिचित निकला जो खुद भी…
ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई करोड़ों की लूट का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित सर्राफा व्यापारी का ही एक परिचित निकला जो खुद भी कारोबार से जुड़ा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी कमलकांत एक फाइनेंस कंपनी में हुए करीब एक करोड़ रुपए के घाटे के बाद भारी कर्ज़ में डूब गया था, जिसके बाद उसने इस लूट की साज़िश रची।
पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपए कीमत का सोना और चांदी भी बरामद किया गया है। बरामद सामान में करीब 635 ग्राम सोना और 12 किलो से ज्यादा चांदी शामिल है।
कैसे दिया गया था लूट को अंजाम?
यह घटना 2 अगस्त को तड़के करीब साढ़े चार बजे ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र में हुई थी। पीड़ित व्यापारी दिल्ली के चांदनी चौक से माल की डिलीवरी देने के लिए आगरा जा रहा था। तभी यमुना एक्सप्रेसवे पर जीरो पॉइंट से कुछ आगे, आरोपियों ने उसकी गाड़ी को ओवरटेक करके रोका और लूट की घटना को अंजाम दिया। लुटेरे हार, मंगलसूत्र, पेंडेंट, अंगूठियां और चांदी के बिस्किट जैसे कीमती आभूषण लेकर फरार हो गए थे।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
लूट की शिकायत मिलते ही गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने जांच के लिए पांच टीमें गठित कीं। ग्रेटर नोएडा के डीसीपी रवि शंकर निम ने एजेंसी को बताया कि मामले को सुलझाने के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और स्थानीय खुफिया जानकारी का भी इस्तेमाल किया गया। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब हुई। पुलिस फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
इनपुट: IANS



