ग्रेटर नोएडा: छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़, फायर सेफ्टी के अधूरे इंतजामों पर 5 कोचिंग सेंटर सील
ग्रेटर नोएडा में छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को हुई एक संयुक्त कार्रवाई में, अग्निशमन सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले पांच कोचिंग संस्थानों पर ताला लगा दिया…
ग्रेटर नोएडा में छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को हुई एक संयुक्त कार्रवाई में, अग्निशमन सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले पांच कोचिंग संस्थानों पर ताला लगा दिया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन संस्थानों को पहले भी कमियां दूर करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने निर्देशों का पालन नहीं किया।
यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट में की। अधिकारियों ने ट्रेडेक्स टावर-1 और ओम टावर में चल रहे कुल 13 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने हर सेंटर में फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों की गहनता से जांच की।
लापरवाही पर हुई सीलिंग की कार्रवाई
जांच में पांच संस्थान ऐसे पाए गए, जहां चेतावनी के बावजूद जरूरी अग्निशमन उपकरण नहीं लगाए गए थे। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने इन पर तत्काल सीलिंग की कार्रवाई की। सील किए गए संस्थानों में ट्यूटोरिक्स ट्यूशन सेंटर, एनविक इंफोटेक, इनकैप सेंटर, मैरिट एजुकेशन और पैंडुलम एडू क्लासेज शामिल हैं।
कुछ को मिली मोहलत, बाकियों को चेतावनी
निरीक्षण के दौरान कुछ ऐसे संस्थान भी मिले, जहां फायर सेफ्टी का काम 80 से 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका था। उन्हें बाकी काम पूरा करने के लिए दो से तीन दिन का अंतिम अवसर दिया गया है। वहीं, जिन संस्थानों का पहली बार निरीक्षण हुआ, उन्हें भी उपकरण लगाने के लिए एक निश्चित समय-सीमा दी गई है।
यह विशेष अभियान जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद शासन के निर्देशों पर चलाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी संस्थान सुरक्षा नियमों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ सीलिंग समेत कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संस्थानों से मानकों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने तक यह अभियान जारी रहेगा।
इनपुट: IANS



