ग्रेटर नोएडा: किसानों के लिए भूमि मुआवजे में 55.5% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी, मिलेंगे 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर
ग्रेटर नोएडा में विकास परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने भूमि अधिग्रहण के लिए दी जाने वाली मुआवजा दर में 55.5 प्रतिशत की भारी वृद्धि…
ग्रेटर नोएडा में विकास परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने भूमि अधिग्रहण के लिए दी जाने वाली मुआवजा दर में 55.5 प्रतिशत की भारी वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद किसानों को अब 4,125 रुपये प्रति वर्ग मीटर की जगह 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा मिलेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह ग्रेटर नोएडा के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी है।
प्राधिकरण के इस फैसले से किसानों को प्रति वर्ग मीटर 2,290 रुपये का सीधा लाभ होगा। शासन के निर्देशों का पालन करते हुए, यह कदम क्षेत्र के विकास में किसानों के योगदान को मान्यता देने के लिए उठाया गया है। नई दरें वर्ष 2026-27 के लिए लागू की गई हैं। इससे पहले, वर्ष 2014-15 से 2021-22 तक यह दर 3,500 रुपये, 2022-23 में 3,750 रुपये और 2023-24 में 4,125 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी।
दोबारा शुरू हुई 6% आबादी भूखंड योजना
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में, प्राधिकरण बोर्ड ने लगभग दस साल बाद छह प्रतिशत आबादी भूखंड देने की व्यवस्था को फिर से बहाल कर दिया है। इस प्रावधान को 2016 में समाप्त कर दिया गया था। अब जो किसान इस योजना का लाभ लेंगे, उन्हें 5,725 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
इन किसानों के लिए आवासीय, औद्योगिक और बिल्डर सेक्टरों की तरह ही अलग से सेक्टर विकसित किए जाएंगे। भूखंड का न्यूनतम आकार 40 वर्ग मीटर और अधिकतम 2,500 वर्ग मीटर होगा। खास बात यह है कि किसानों को जमीन की रजिस्ट्री के समय ही आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र दे दिया जाएगा, जिससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रमुख मार्गों से लगी जमीन वाले किसानों को भूखंड आवंटन में वरीयता दी जाएगी।
प्रक्रिया को बनाया जाएगा सरल और पारदर्शी
किसानों की सुविधा के लिए, प्राधिकरण ने एक जमीन अधिग्रहण सेल बनाने का भी निर्देश दिया है, जिसकी अध्यक्षता एसीईओ करेंगे। यह सेल पूरी प्रक्रिया में किसानों की मदद करेगा। मुआवजे की पूरी राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके अलावा, जमीन पर मौजूद किसी भी संपत्ति के लिए भूमि मुआवजे के अतिरिक्त अलग से भुगतान किया जाएगा। प्राधिकरण का कहना है कि इसका उद्देश्य किसानों को ग्रेटर नोएडा के विकास और आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनाना है।
इनपुट: IANS



