फ्रांस और स्पेन के जंगल आग से धधक रहे, डेढ़ लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित, राष्ट्रीय आपातकाल घोषित
यूरोप के दो बड़े देश, फ्रांस और स्पेन, इन दिनों जंगलों में लगी भीषण आग से जूझ रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि बॉरदॉ शहर के…
यूरोप के दो बड़े देश, फ्रांस और स्पेन, इन दिनों जंगलों में लगी भीषण आग से जूझ रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि बॉरदॉ शहर के आसपास के इलाकों से 1.41 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, स्पेन में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने 'राष्ट्रीय वाइल्डफायर इमरजेंसी' की घोषणा कर दी है।
फ्रांसीसी प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने इस आग को देश के अब तक के सबसे गंभीर संकटों में से एक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि प्रभावित गिरोंद और लांद क्षेत्रों से लोगों को निकाला जा रहा है। ये वही इलाके हैं जहां इस सप्ताह की शुरुआत में आग भड़की थी।
फ्रांस में बड़े पैमाने पर बचाव कार्य
आग पर काबू पाने के प्रयासों में मदद के लिए फ्रांसीसी सेना को भी मैदान में उतारा गया है। प्रधानमंत्री लेकोर्नू के मुताबिक, 500 से अधिक सैन्यकर्मी पहले ही अग्निशमन दलों की सहायता के लिए तैनात किए जा चुके हैं और जरूरत पड़ने पर और बल भेजा जाएगा। सरकार ने प्रभावित दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में बचाव कर्मियों और स्थानीय लोगों को धुएं से बचाने के लिए 15 लाख मास्क भी भेजे हैं। बॉरदॉ के पश्चिमी उपनगरों, जिनमें शहर का हवाई अड्डा क्षेत्र भी शामिल है, को खाली करने के आदेश जारी किए गए हैं। ला नोवेल-अकितेन और गिरोंद क्षेत्र की स्थानीय प्रशासन प्रमुख सोफी ब्रोका ने ले हायालन, आइजिन और मेरिग्नाक जैसे इलाकों को खाली कराए जाने की पुष्टि की है।
स्पेन में जलवायु परिवर्तन पर चिंता
स्पेन में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, खासकर मैड्रिड के आसपास के जंगलों में। प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा कि हालात अब भी "जटिल" हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि तापमान में गिरावट के बावजूद हवा का रुख स्थिति को और बिगाड़ सकता है। एल पाइस मीडिया आउटलेट के हवाले से सांचेज ने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि जलवायु परिवर्तन के कारण जंगलों की आग पहले से कहीं ज़्यादा तीव्र और विनाशकारी हो गई है, जो कई मामलों में वैज्ञानिक अनुमानों से भी आगे निकल रही है।
प्रधानमंत्री सांचेज ने जलवायु आपातकाल से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक समझौते की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस साल जनवरी से अब तक स्पेन में लगभग 1.30 लाख हेक्टेयर (करीब 3.21 लाख एकड़) भूमि आग की भेंट चढ़ चुकी है, जो पिछले दशक के 1 लाख हेक्टेयर के वार्षिक औसत से कहीं ज़्यादा है। पिछले साल सांचेज ने जलवायु संकट से निपटने के लिए एक 10-सूत्रीय योजना की भी घोषणा की थी।
इनपुट: IANS



