शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

फ्रांस: महंगाई के विरोध-प्रदर्शनों के बाद सरकार का बड़ा कदम, ईंधन की कीमतें घटाने के लिए 10 मिलियन बैरल तेल जारी

फ्रांस में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को लेकर हालिया हिंसक प्रदर्शनों के बाद सरकार ने जनता को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने शनिवार को…

फ्रांस: महंगाई के विरोध-प्रदर्शनों के बाद सरकार का बड़ा कदम, ईंधन की कीमतें घटाने के लिए 10 मिलियन बैरल तेल जारी
(फोटो: IANS)

फ्रांस में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को लेकर हालिया हिंसक प्रदर्शनों के बाद सरकार ने जनता को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने शनिवार को रणनीतिक भंडार से 10 मिलियन (एक करोड़) बैरल गैस ऑयल जारी करने का आदेश दिया है, जिससे ईंधन की कीमतों में बड़ी कटौती होने की उम्मीद है।

विज्ञापन

समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह तेल भंडार बाजार में उनकी खरीद कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा, जो मौजूदा बाजार मूल्य से लगभग चार गुना कम है। इस कदम से गैस ऑयल की कीमत में प्रति लीटर 18 सेंट तक की कमी आ सकती है।

उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ

सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इस फैसले का पूरा आर्थिक लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचेगा और यह कटौती ईंधन की कीमतों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। कीमतों में यह कमी 1 नवंबर से लागू होने की संभावना है। इस कदम का उद्देश्य ईंधन की लागत को कम करके आम लोगों और कारोबारियों को बढ़ती ऊर्जा कीमतों के बोझ से राहत देना है।

इस निर्णय का लाभ केवल सामान्य वाहन चालकों तक ही सीमित नहीं रहेगा। इसके दायरे में नॉन-रोड गैस ऑयल, मछली पकड़ने वाले उद्योग में इस्तेमाल होने वाला तेल, घरेलू हीटिंग फ्यूल और विदेशी क्षेत्रों में उपयोग होने वाले गैस ऑयल के उपभोक्ता भी आएँगे।

विरोध-प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब फ्रांस महंगाई, ईंधन की कीमतों, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं जैसे मुद्दों को लेकर व्यापक जन-असंतोष का सामना कर रहा है। पिछले सप्ताह, बढ़ती लागत के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और लूटपाट की घटनाएँ भी हुईं, जिसके बाद सरकार को कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगाना पड़ा था। सरकार ने जरूरत पड़ने पर आपातकाल की स्थिति घोषित करने की चेतावनी भी दी थी। इसके अलावा, सितंबर से ही छात्र बेहतर शिक्षा सुविधाओं की मांग को लेकर देश में कई बड़े प्रदर्शन कर चुके हैं।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →