आज किसान कर्ज माफी मांग को लेकर करेगी संसद का घेराव

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नई दिल्ली: किसानों ने कर्ज मुक्त बनाने और फसल की लागत को डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने की मांग को लेकर दो दिवसीय आंदोलन शुरू किया है.

रामलीला मैदान से संसद मार्ग तक पैदल यात्रा 

बता दें कि इस आंदोलन में किसानों के साथ डॉक्टर, वकील, पूर्व सैनिक, पेशेवर और छात्रों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों रामलीला मैदान में इकट्ठा हुए है. वहीं आज किसान अपनी मांग को लेकर रामलीला मैदान से संसद मार्ग तक पैदल यात्रा करेंगे. किसानों का यह प्रदर्शन अखिल भारतीय किसान मुक्ति मोर्चा (एआईकेसीसी) के बैनर तले किया जा रहा है. इस प्रदर्शन द्वारा किसान सरकार पर अपनी मांग को लेकर दवाब बनाते नजर आ रहें है.

देश के निम्न हिस्सों से दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर जमा हो रहें आंदोलनकारियों का रामलीला मैदान तक पैदल और वाहनों से पहुँचने का सिलसिला देर शाम से जारी रहा है. समिति के महासचिव अवीक शाहा और स्वराज इंडिया के संयोजक योगेंद्र यादव की नेतृत्व में दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के बिजवासन से सुबह शुरू हुई किसान मुक्ति यात्रा करीब 25 किमी की पदयात्रा कर देर शाम रामलीला मैदान पहुंची. आंदोलनकारियों की सुविधा के लिए अखिल भारतीय किसान सभा के सचिव अतुल कुमार अंजान सहित संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी रामलीला मैदान  में जायजा लेते रहें. अंजान ने कहा है कि फरीदाबाद, गुरुग्राम नोएडा और गाजियाबाद की ओर से भी किसानों के समूह पैदल और वाहनों से रामलीला मैदान पहुंचे रहे है. फरीदाबाद की ओर आश्रम होते हुए रामलीला मैदान पहुंच रही किसान मुक्ति यात्रा की नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर और बड़े पत्रकार पी साईनाथ ने की.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

आंदोलन में जुट रहीं भारी संख्या में भीड़ को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है. पुलिस ने कहा है कि गुरुवार को रामलीला मैदान में पुलिस बल तैनात किया गया है. वहीं आज (शुक्रवार) को रामलीला मैदान से संसद मार्ग तक किसान द्वारा की जा रहीं प्रदर्शन के लिए भी सुरक्षा और यातायात के विशेष प्रबंध किए गए हैं.

जनता से सहयोग की अपील की गुहार

आप के पूर्व नेता और राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने ट्वीट किया है, आज सुबह बिजवासन से महिला किसानों ने हमें दुआ-सलाम किया. वे लोगों किसान मुक्ति मोर्चा में हिस्सा लेने को तैयार है. वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी ट्वीट कर कहा है कि पिछले कई वर्षों से टीन लाख से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है क्योंकि सरकारें लगातार उन्हें धोखा देती रहीं.