EVM पर फिर बहस: तेजस्वी यादव ने मायावती की मांग का समर्थन करते हुए बैलेट पेपर से चुनाव की वकालत की
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर देश में एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग का पुरजोर…
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर देश में एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग का पुरजोर समर्थन किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उनका यह बयान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती द्वारा इसी तरह की मांग उठाए जाने के बाद आया है।
पटना में IANS से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा, "बैलेट की मांग तो हमलोग शुरू से कर रहे हैं। मशीन को हटाओ, बैलेट को लाओ।" उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका अब सबके सामने है, खासकर यह कि कैसे कथित तौर पर वोटों की चोरी की जा रही है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनाव जिताए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग और INDIA गठबंधन
राजद नेता ने आरोप लगाया कि "वोटों की चोरी का तरीका खुद दो चुनाव आयुक्तों ने उजागर किया है।" उन्होंने कहा कि यह तरीका पहले बिहार में शुरू हुआ और बाद में पूरे देश में लागू किया गया। इस संदर्भ में उन्होंने 30 सितंबर को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सुबह 11 बजे होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक का भी जिक्र किया।
तेजस्वी यादव ने कहा, "हम इस बैठक में शामिल होने और अपनी बात रखने के लिए वहां जा रहे हैं। अगर कोई भी आकर वोटों की चोरी कर सकता है, लोकतंत्र को बर्बाद और खत्म कर सकता है और संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट कर सकता है, तो देश कैसे चलेगा।"
CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग
विपक्षी दलों की मांगों का उल्लेख करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "शुरू से ही हमारी यह मांग रही है, और कई अन्य नेताओं ने भी यही मांग की है कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।" उन्होंने भाजपा पर संस्थाओं को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की जनता के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना बहुत जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि बसपा प्रमुख मायावती ने भी कहा था कि मतदाता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट उसी उम्मीदवार को गया है, जिसे उसने दिया है। उन्होंने वोट को लेकर किसी भी तरह के संदेह को लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बताया था।
इनपुट: IANS



