IIT मद्रास के प्रो. थलप्पिल प्रदीप प्रतिष्ठित यूरोपीय इंजीनियरिंग अकादमी के सदस्य बने, तीसरे भारतीय वैज्ञानिक को मिला यह सम्मान
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के प्रोफेसर थलप्पिल प्रदीप को एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है। उन्हें स्वीडन स्थित प्रतिष्ठित यूरोपीय इंजीनियरिंग अकादमी का पूर्ण सदस्य चुना गया है…
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के प्रोफेसर थलप्पिल प्रदीप को एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है। उन्हें स्वीडन स्थित प्रतिष्ठित यूरोपीय इंजीनियरिंग अकादमी का पूर्ण सदस्य चुना गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रो. प्रदीप यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे भारतीय वैज्ञानिक हैं। उनसे पहले, भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. सी.एन.आर. राव और प्रो. बिमन बागची को यह सम्मान मिल चुका है।
इस उपलब्धि पर प्रो. थलप्पिल प्रदीप ने कहा, "यूरोपीय इंजीनियरिंग अकादमी के लिए चुना जाना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है।" उन्होंने इसे वास्तविक सामाजिक समस्याओं का समाधान करने वाले नए वैज्ञानिक शोध के लिए अपने संकल्प की मजबूती बताया। साथ ही, उन्होंने इसे वैश्विक विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारत की बढ़ती पहचान का प्रतिबिंब भी माना।
नैनो तकनीक से स्वच्छ जल तक
प्रो. प्रदीप को यह सम्मान नैनो विज्ञान और जल शुद्धिकरण के क्षेत्र में उनके अग्रणी योगदान के लिए दिया गया है। उनका काम सिर्फ प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने नैनो तकनीक का इस्तेमाल कर कम लागत वाली स्वच्छ पेयजल तकनीकें विकसित की हैं। इन तकनीकों की मदद से भारत में लाखों लोगों को आर्सेनिक और कीटनाशकों जैसे खतरनाक प्रदूषकों से मुक्त सुरक्षित पानी मिल रहा है।
आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि ने प्रो. प्रदीप को बधाई देते हुए कहा कि भारत जैसे बड़े देश के लिए नैनो विज्ञान और स्वच्छ जल तकनीक को बड़े पैमाने पर किफायती समाधानों में बदलना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने संस्थान को इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर गौरवान्वित बताया।
क्या है यूरोपीय इंजीनियरिंग अकादमी?
1992 में गठित यह अकादमी दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों और इंजीनियरों का एक मंच है, जिसमें कई नोबेल पुरस्कार, फील्ड्स पदक और ट्यूरिंग पुरस्कार विजेता शामिल हैं। इसका उद्देश्य विज्ञान और इंजीनियरिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सलाह देना है। अकादमी में यूरोप और अमेरिका में काम कर रहे भारतीय मूल के कई वैज्ञानिक भी सदस्य हैं।
कई अन्य प्रतिष्ठित सम्मान
प्रो. थलप्पिल प्रदीप को पहले भी पद्मश्री और विज्ञान श्री जैसे प्रतिष्ठित भारतीय सम्मान मिल चुके हैं। हाल ही में उन्हें राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन द्वारा जे. सी. बोस अनुदान के लिए भी चुना गया था, जो वरिष्ठ वैज्ञानिकों को दिया जाने वाला भारत का एक प्रतिष्ठित शोध सम्मान है। यह उनका इस सम्मान के तहत तीसरा पांच-वर्षीय कार्यकाल है।
इनपुट: IANS



