महंगाई और आवास संकट: फ्रांस से स्पेन तक यूरोप के कई देशों में हिंसक प्रदर्शन, हजारों गिरफ्तार
यूरोप के कई देश इन दिनों बढ़ती महंगाई, आवास की किल्लत और जीवनयापन के बढ़ते खर्चों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों की चपेट में हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, फ्रांस, इटली, स्पेन और…
यूरोप के कई देश इन दिनों बढ़ती महंगाई, आवास की किल्लत और जीवनयापन के बढ़ते खर्चों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों की चपेट में हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, फ्रांस, इटली, स्पेन और अल्बानिया जैसे देशों में लोग सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं, जिससे कई जगहों पर हालात हिंसक हो गए हैं और सुरक्षा बलों के साथ टकराव की स्थिति बन गई है।
फ्रांस में शनिवार को हुए प्रदर्शन सबसे उग्र रहे, जहाँ बढ़ती महंगाई और स्कूलों की खराब होती स्थिति को लेकर देश भर में लगभग 4,10,000 लोग सड़कों पर उतरे। गृह मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में कुल 289 जगहों पर प्रदर्शन आयोजित किए गए। हालांकि दिन में ज्यादातर मार्च शांतिपूर्ण रहे, लेकिन रात होते-होते राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में माहौल बिगड़ गया। पेरिस में मुख्य मार्च के बाद करीब 500 नकाबपोश युवाओं की पुलिस से झड़प हो गई, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए दंगा-रोधी पुलिस को आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा।
कई देशों में बिगड़े हालात
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि सुरक्षा के लिए 70,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद कई जगहों पर हिंसा भड़क उठी। इन घटनाओं के संबंध में लगभग 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और यह संख्या बढ़ने की आशंका है। झड़पों के दौरान दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की भी खबर है। यह हिंसा ऐसे समय में हुई है जब पिछले हफ्ते भी देश में दंगे और लूटपाट की घटनाएं हुई थीं।
वहीं, स्पेन के बार्सिलोना में भी सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने शहर के केंद्रीय इलाके प्लाजा दे कातालुन्या के पास दुकानों में लूटपाट की और सार्वजनिक संपत्ति को आग के हवाले कर दिया। मैड्रिड में हजारों सेवानिवृत्त लोगों ने सम्मानजनक पेंशन की मांग करते हुए मार्च निकाला।
इटली और अल्बानिया में भी तनाव
इटली के मिलान शहर में हालात को काबू में रखने के लिए सैकड़ों सैनिकों को तैनात करना पड़ा, जबकि बोलोग्ना में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की घटनाएं हुईं। उधर, अल्बानिया में प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा दिखाते हुए कृषि मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर ही आग लगा दी। ये घटनाएं पूरे यूरोप में आम लोगों के बीच बढ़ते आर्थिक दबाव और गुस्से को दर्शाती हैं।
इनपुट: IANS



