चुनाव आयोग ने उठाया सख्त कदम, योगी-मायावती के प्रचार पर लगाया बैन

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चुनावी मौसम में नेताओं के बयानों से लगातार आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने पर अब चुनाव आयोग एक्शन में आया है। आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती के चुनाव अभियानों पर रोक लगा दी है। अब योगी आदित्यनाथ और मायावती अगले कुछ दिनों तक चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगे।

बीजेपी के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ अगले तीन दिनों तक यानी 16,17 और 18 अप्रैल तक किसी भी माध्यम से पार्टी के समर्थन में प्रचार नहीं कर पाएंगे। वह रैली, जनसभा या सोशल मीडिया के ज़रिए बयान, भाषण या ट्वीट नहीं कर पाएंगे। वहीं बसपा मुखिया मायावती भी अगल दो दिनों तक यानी 16 और 17 अप्रैल तक किसी तरह के चुनावी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगी। बसपा मुखिया भी ट्वीट के ज़रिए अपनी बात नहीं रख पाएंगी। योगी-मायावती प्रचार पर लगी ये रोक 16 अप्रैल से शुरू होगी। चुनाव आयोग ने ये फ़ैसला दोनों नेताओं अपने बयानों से द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने के बाद लिया है।

बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने चुनावी रैली के दौरान मायावती पर हमला करते हुए कहा था कि अगर विपक्ष विपक्ष को अली पंसद है, तो हमें बजरंग बली पसंद हैं। वहीं, मायावती ने यूपी के देवबंद में चुनावी रैली के दौरान कहा था कि मुस्लिम समुदाय के लोग अपना वोट बंटने ना दें और सिर्फ महागठबंधन को वोट दें। मायावती का ये बयान धर्म के नाम पर वोट मांगने के नियम का उल्लंघन है। दोनों नेताओं के बयानों पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया था और आगे ऐसा बयान ना देने की हिदायत दी थी।

बता दें कि सोमवार सुबह ही सुप्रीम कोर्ट ने मायावती के देवबंद रैली में दिए गए भाषण पर आपत्ति जताई थी। अदालत की तरफ से चुनाव आयोग को फटकार लगाई गई थी कि आयोग ने अभी तक इस मामले में क्या कार्रवाई की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आयोग अभी तक सिर्फ नोटिस ही जारी कर रहा है, कोई सख्त एक्शन क्यों नहीं ले रहा है।