एकनाथ शिंदे से जुड़े ऑडियो क्लिप पर गरमाई सियासत, संजय निरूपम ने AI के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए की जांच की मांग
महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऑडियो क्लिप को लेकर हलचल तेज हो गई है, जिसमें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम सामने आ रहा है। इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना नेता संजय निरूपम ने कहा है कि…
महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऑडियो क्लिप को लेकर हलचल तेज हो गई है, जिसमें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम सामने आ रहा है। इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना नेता संजय निरूपम ने कहा है कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग के दौर में किसी भी ऑडियो को तुरंत सच मान लेना जल्दबाजी होगी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच सामने आ सके।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुणे में संजय निरूपम ने मनोज जरांगे द्वारा लगाए गए आरोपों और जारी किए गए ऑडियो क्लिप पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, "हम ऐसे दौर में हैं जहां तकनीक, खासकर एआई का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। सोशल मीडिया पर कई फर्जी पोस्ट, वीडियो और ऑडियो मौजूद हैं। इसलिए, यह कहना कि यह ऑडियो पूरी तरह सही है, जल्दबाजी होगी।" निरूपम ने जोर देकर कहा कि जांच के बाद ही पार्टी इस पर कोई ठोस रुख अपनाएगी।
जांच एजेंसी पर फैसला मुख्यमंत्री का
जब उनसे संजय राउत द्वारा की गई ईडी-सीबीआई जांच की मांग पर सवाल किया गया, तो निरूपम ने स्पष्ट किया कि जांच कौन सी एजेंसी करेगी, इसका फैसला राज्य सरकार को लेना है। उन्होंने बताया कि शिवसेना नेताओं ने खुद मुख्यमंत्री से मिलकर जांच का अनुरोध किया है। यदि राज्य सरकार को लगता है कि केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना उचित है, तो वह इसकी सिफारिश कर सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री का ही होगा।
मराठा आरक्षण और सीएम पद पर क्या बोले निरूपम
संजय निरूपम ने मनोज जरांगे पाटिल के मराठा आरक्षण आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि शिवसेना भी मराठा युवाओं की रोजगार और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान चाहती है। उन्होंने कहा, "हमारी सोच और जरांगे पाटिल की सोच में कोई विरोधाभास नहीं है।" उन्होंने याद दिलाया कि जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे, तब भी इस दिशा में कई सकारात्मक प्रयास हुए थे।
वहीं, गुलाबराव पाटिल के उस बयान का भी उन्होंने बचाव किया जिसमें शिंदे को फिर से मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जताई गई थी। निरूपम ने इसे एक स्वाभाविक राजनीतिक आकांक्षा बताते हुए कहा कि हर कार्यकर्ता चाहता है कि उसका नेता शीर्ष पद पर पहुंचे और शिंदे का पिछला कार्यकाल सराहनीय रहा है।
विपक्ष और संजय राउत पर साधा निशाना
संजय निरूपम ने विपक्ष पर मतदाता सूची और चुनाव आयोग जैसे मुद्दों पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और देश में शांति होने पर ही तरक्की संभव है। इसके साथ ही उन्होंने संजय राउत के उस बयान की कड़ी आलोचना की जिसमें उन्होंने गृह मंत्री की तुलना गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से की थी। निरूपम ने इसे एक "गैर-जिम्मेदाराना बयान" करार देते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियों के कारण ही लोग अब राउत के बयानों को गंभीरता से नहीं लेते।
इनपुट: IANS



