करोड़ों की हेराफेरी का शक: ED ने केरल और चेन्नई में सहकारी समिति से जुड़े 11 ठिकानों पर की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने बुधवार को केरल और चेन्नई…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने बुधवार को केरल और चेन्नई में 11 अलग-अलग जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह जांच 'भारत लझना मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी' (BLM) और उसके संस्थापक सदस्य आर. प्रेमकुमार के खिलाफ केंद्रित है।
एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि प्रेमकुमार, जो सोसाइटी के वास्तविक सीएमडी भी हैं, और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप हैं। उन पर अपने पद का दुरुपयोग कर आम जमाकर्ताओं से इकट्ठा की गई करोड़ों की रकम निजी इस्तेमाल के लिए अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर करने का शक है।
सोसाइटी की संपत्ति गिरवी रख खरीदी ज़मीन
आरोपों के अनुसार, प्रेमकुमार ने कथित तौर पर सोसाइटी को कोई पैसा दिलाए बिना ही उसके 'रागम थिएटर' को 'ब्रियोस फिनवेस्ट' नामक कंपनी के पास गिरवी रख दिया। इसके अलावा, उन्होंने कांचीपुरम में अपनी पत्नी के नाम पर लगभग 500 एकड़ ज़मीन भी हासिल कर ली। फिलहाल, इन छापों के दौरान क्या बरामद हुआ है या कौन से सबूत मिले हैं, इस पर ईडी की तरफ से आधिकारिक जानकारी का इंतज़ार है।
केरल लोक सेवा आयोग पर भी उठे सवाल
एक अन्य मामले में, केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को एक विशेष जांच दल (SIT) को आरोपों की पड़ताल करने का निर्देश दिया है। ये आरोप केरल लोक सेवा आयोग (KPSC) द्वारा नियमों के उल्लंघन से जुड़ी एक नियुक्ति को लेकर हैं। शिकायत में कहा गया है कि केपीएससी ने एक विशेष भर्ती प्रक्रिया के ज़रिए एसएफआई के एक नेता को पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर नियुक्त करने की कोशिश की।
इस पद के लिए 17,392 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिसकी अंतिम तिथि 10 सितंबर 2025 थी। लिखित परीक्षा 31 दिसंबर को और शारीरिक दक्षता परीक्षा 16 मार्च 2026 को हुई। 22 अप्रैल को साक्षात्कार के बाद 6 मई को अंतिम रैंक सूची प्रकाशित की गई। क्राइम ब्रांच की एसआईटी प्रमुख अजिता बेगम 'सेव यूनिवर्सिटी फोरम' के अध्यक्ष आरएस शशिकुमार की शिकायत की जांच करेंगी। शिकायत के अनुसार, यह भर्ती प्रक्रिया पीएससी अध्यक्ष एमआर बैजू के नेतृत्व में हुई, जिसका उद्देश्य एर्नाकुलम के एसएफआई नेता केजे जिथिन को पिछली एलडीएफ सरकार का कार्यकाल खत्म होने से पहले नियुक्ति दिलाना था।
इनपुट: IANS



