दिल्ली-NCR की हवा 'खराब': प्रदूषण से निपटने के लिए GRAP-II लागू, जानिए क्या हैं पाबंदियाँ
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता 'खतरनाक' स्तर पर पहुँच गई है, जिसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को कड़े कदम उठाने पड़े हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बढ़ते…
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता 'खतरनाक' स्तर पर पहुँच गई है, जिसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को कड़े कदम उठाने पड़े हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए 2 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है। बुधवार को नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 600 के पार दर्ज किया गया, जो 'गंभीर और सबसे खराब' श्रेणी में आता है।
CAQM ने नागरिकों से GRAP के पहले और दूसरे चरण के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। यह एक्शन प्लान एक आपातकालीन कार्य योजना है, जिसे 2017 में पर्यावरण मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया गया था। इसका मकसद प्रदूषण के स्तर के आधार पर सिलसिलेवार तरीके से पाबंदियाँ लागू करना है। हवा जितनी खराब होती है, नियम उतने ही सख्त होते जाते हैं।
GRAP के चार चरण और उनकी पाबंदियाँ
यह योजना AQI के आधार पर चार चरणों में काम करती है, जिसकी निगरानी CAQM भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमानों के आधार पर करता है।
पहला चरण ('खराब' हवा, AQI 201-300): इसमें निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के सख्त नियम, खुले में कचरा जलाने पर रोक और सड़कों पर पानी का छिड़काव शामिल है। पुराने वाहनों पर सख्ती बढ़ाई जाती है।
दूसरा चरण ('बहुत खराब' हवा, AQI 301-400): इस चरण में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर डीज़ल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी जाती है। निजी वाहनों का प्रयोग कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाए जाते हैं और मेट्रो व बसों के फेरे बढ़ाए जाते हैं। कोयले और तंदूर वाले होटलों को भी बंद कर दिया जाता है।
तीसरा चरण ('गंभीर' हवा, AQI 401-450): इसमें जरूरी प्रोजेक्ट्स को छोड़कर सभी निर्माण और तोड़-फोड़ के कामों पर रोक लग जाती है। बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीज़ल चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है।
चौथा चरण ('अति गंभीर', AQI 450+): यह सबसे आपात स्थिति है। इसमें दिल्ली में जरूरी सामान वाले ट्रकों को छोड़कर अन्य की एंट्री बैन हो जाती है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए जाते हैं और 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश दिया जा सकता है। सरकार ऑड-ईवन जैसी योजनाएं भी लागू कर सकती है।
GRAP-II के तहत वाहनों पर लागू नियम
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने GRAP के दूसरे चरण के तहत वाहन प्रतिबंधों के लिए नियम जारी किए हैं। इसके अनुसार, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वाले बीएस-IV या उससे ऊपर के पेट्रोल-डीजल वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और CNG वाहन चल सकते हैं। वहीं, दिल्ली में रजिस्टर्ड बीएस-III या उससे नीचे के पेट्रोल-डीजल वाहनों पर रोक है। दिल्ली के बाहर के बीएस-IV और उससे नीचे के पेट्रोल-डीजल वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। बिना वैध PUC वाले किसी भी वाहन पर रोक रहेगी।
इनपुट: IANS



