ममता बनर्जी की वोटर लिस्ट वाली मांग पर दिलीप घोष का पलटवार, कहा- 'बाहरी वोटर' की राजनीति अब नहीं चलेगी
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पुरानी मतदाता सूची से चुनाव कराने की मांग को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इस मांग पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने…
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पुरानी मतदाता सूची से चुनाव कराने की मांग को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इस मांग पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोला है और कहा है कि बाहरी लोगों को वोटर बनाकर चुनाव जीतने की राजनीति अब देश में नहीं चलेगी।
न्यूटाउन में मीडिया से बातचीत के दौरान, जैसा कि समाचार एजेंसी IANS ने रिपोर्ट किया है, दिलीप घोष ने ममता बनर्जी की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "उनकी वोटर लिस्ट, उनकी पुलिस और उनका अधिकारी रहेगा, तभी वो जीतेंगी क्या? 15 साल तक बंगाल की जनता ने उन्हें मौका दिया। उन्होंने अपनी मर्जी से काम किया और बंगाल को बर्बाद कर दिया। अब देखिए हम क्या कर रहे हैं।"
वोटर सूची और प्रदर्शन पर निशाना
दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को उनकी 'पुरानी आदत' बताया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्हें सजा मिली है और उनकी पार्टी अब खत्म होने की कगार पर है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि जनता सब देख रही है और वही अंतिम फैसला करेगी।
मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोपों पर सफाई देते हुए दिलीप घोष ने आश्वासन दिया कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा है और प्रक्रिया चल रही है। मुझे लगता है कि हमें थोड़ी तेजी दिखानी चाहिए और उन नामों को स्पष्ट करना चाहिए जिनकी अभी जांच चल रही है। जो लोग योग्य वोटर हैं, उनके नाम शामिल किए जाने चाहिए और जो योग्य नहीं हैं, उनके नाम हटा दिए जाने चाहिए।"
'लोकतंत्र खत्म करने' के आरोप पर जवाब
विपक्ष द्वारा लोकतंत्र को खत्म करने के आरोपों पर भी दिलीप घोष ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र की वजह से ही आप ऐसे बयान दे पा रहे हैं और विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर पा रहे हैं। जिन लोगों के साथ आप जुड़े हैं, उन्हीं लोगों ने इमरजेंसी लगाई थी। याद कीजिए कि आपके पिता और उस समय के नेताओं के साथ क्या हुआ था। इसलिए, ऐसी फालतू बातें करना बंद करें। जनता सब देख रही है।"
इनपुट: IANS



