NEET-PG 2026: जयपुर के दो सेंटरों पर दोबारा होगी परीक्षा, जानिए तकनीकी गड़बड़ी की वजह और नई तारीख
देशभर में रविवार को आयोजित हुई नीट-पीजी 2026 की परीक्षा कुल मिलाकर सफलतापूर्वक संपन्न हो गई, लेकिन जयपुर के दो केंद्रों पर तकनीकी खामी के चलते हजारों अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी नहीं हो सकी। समाचार…
देशभर में रविवार को आयोजित हुई नीट-पीजी 2026 की परीक्षा कुल मिलाकर सफलतापूर्वक संपन्न हो गई, लेकिन जयपुर के दो केंद्रों पर तकनीकी खामी के चलते हजारों अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी नहीं हो सकी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अब इन प्रभावित छात्रों के लिए 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।
यह परीक्षा 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 339 शहरों में फैले 1,111 केंद्रों पर हुई थी। इसमें शामिल होने के लिए कुल 2,73,096 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 2,65,980 ने परीक्षा दी। इनमें से लगभग 2,63,535 उम्मीदवारों की परीक्षा बिना किसी बाधा के पूरी हो गई।
जयपुर में क्या हुई थी समस्या?
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने बताया कि राजस्थान के जयपुर में दो परीक्षा केंद्रों पर आंतरिक बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी के कारण परीक्षा बाधित हुई। यह समस्या परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीसीएस लिमिटेड की व्यवस्था से जुड़ी थी। इससे जयपुर के आईऑन डिजिटल जोन, सीतापुरा स्थित केंद्र संख्या 41682 और 41683 पर परीक्षा दे रहे 2,445 अभ्यर्थी प्रभावित हुए।
कब और कहाँ होगी पुनर्परीक्षा?
बोर्ड ने प्रभावित छात्रों को हुई असुविधा पर खेद जताते हुए उन्हें परीक्षा का एक और अवसर देने की घोषणा की है। इन 2,445 अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा शनिवार, 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे जयपुर में ही आयोजित की जाएगी। बोर्ड ने कहा है कि नए परीक्षा केंद्र और अन्य जरूरी निर्देश प्रभावित अभ्यर्थियों को अलग से भेजे जाएंगे।
परीक्षा में पारदर्शिता के लिए थे कड़े इंतजाम
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से कराने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। नकल रोकने के लिए अभ्यर्थियों का आधार-आधारित प्रमाणीकरण किया गया। परीक्षा की निगरानी के लिए 2,527 संकाय सदस्यों को स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता और 700 से अधिक वरिष्ठ प्रोफेसरों को फ्लाइंग स्क्वायड में तैनात किया गया था। इसके अलावा, सभी केंद्रों पर लगे लाइव सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे दिल्ली के द्वारका स्थित NBEMS मुख्यालय से की जा रही थी।
इनपुट: IANS



