भारत को जल्द मिलेगी पहली महिला चीफ़ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने पर संसद में चर्चा
केंद्रीय क़ानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को राज्यसभा में एक अहम जानकारी साझा करते हुए कहा कि देश जल्द ही पहली बार किसी महिला को भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) के पद पर देखेगा। समाचार…
केंद्रीय क़ानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को राज्यसभा में एक अहम जानकारी साझा करते हुए कहा कि देश जल्द ही पहली बार किसी महिला को भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) के पद पर देखेगा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, उन्होंने यह बात उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़े एक विधेयक पर चर्चा के दौरान कही।
यह चर्चा 'उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026' पर हो रही थी, जिसे लोकसभा पहले ही पारित कर चुकी है। इस विधेयक का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करना है। हालांकि, चर्चा के दौरान कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जबकि कई गैर-एनडीए दल इसमें शामिल हुए।
क्यों बढ़ाई जा रही है जजों की संख्या?
चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि सरकार न्याय को ज़्यादा सुलभ बनाने और अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से 5 मई, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी।
उन्होंने कहा कि जब 28 जनवरी, 1950 को सुप्रीम कोर्ट की स्थापना हुई थी, तब इसमें एक प्रधान न्यायाधीश समेत सिर्फ़ 8 जज थे। समय के साथ ज़रूरत के अनुसार यह संख्या बढ़ाई गई और अब इसे 38 करने का प्रस्ताव है।
अध्यादेश और नई नियुक्तियाँ
अर्जुन राम मेघवाल ने सदन को बताया कि तत्काल ज़रूरत को देखते हुए संविधान के अनुच्छेद 123 के तहत एक अध्यादेश लाया गया था। इस अध्यादेश के लागू होने के बाद 1 जून, 2026 को राष्ट्रपति की स्वीकृति से सुप्रीम कोर्ट में 5 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई। उन्होंने कहा कि अब इसी अध्यादेश के प्रावधानों को स्थायी रूप देने के लिए 1956 के अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि नई नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 4 विशेष पीठों का गठन किया है, जो सिर्फ़ सबसे पुराने दीवानी और आपराधिक मामलों की सुनवाई करेंगी, ताकि इन मामलों का समय पर निपटारा हो सके।
न्यायपालिका में सुधार और महिला प्रतिनिधित्व
महिला न्यायाधीशों के प्रतिनिधित्व पर विपक्ष की टिप्पणी का जवाब देते हुए मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति को आगे बढ़ाने पर ज़ोर देते हैं। उन्होंने बताया कि हाल तक आंध्र प्रदेश, गुजरात, मेघालय और पटना उच्च न्यायालय में महिला मुख्य न्यायाधीश कार्यरत थीं।
मंत्री ने यह भी कहा कि न्यायपालिका के साथ मिलकर न्यायिक व्यवस्था को मज़बूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में 795.53 करोड़ रुपए की लागत से सुप्रीम कोर्ट भवन का विस्तार किया जा रहा है, जिससे न्याय वितरण प्रणाली को और मज़बूती मिलेगी।
इनपुट: IANS



