महाराष्ट्र के मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री मोदी से मिलेंगे शरद पवार गुट के सांसद
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट के सभी आठ सांसद 10 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में NCP की कार्यकारी अध्यक्ष और…
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट के सभी आठ सांसद 10 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में NCP की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने इस प्रस्तावित बैठक की पुष्टि की है। प्रधानमंत्री कार्यालय से इस मुलाकात के लिए समय मांगा गया है।
एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि इस बैठक का कोई निश्चित एजेंडा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि चर्चा का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र के विकास कार्य और राज्य से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे होंगे। उम्मीद है कि सांसद प्रधानमंत्री के सामने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों की विकास परियोजनाओं और राज्य के हितों से जुड़े विषय रखेंगे।
मुलाकात के राजनीतिक मायने
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पिछले पांच वर्षों में महाराष्ट्र की राजनीति ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, जिनमें दलबदल और गठबंधनों में लगातार बदलाव शामिल हैं। इसे देखते हुए इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि संसद के आगामी सत्र में सरकार को परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण जैसे अहम प्रस्तावों पर कुछ विपक्षी दलों के सहयोग की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में केंद्र सरकार और NCP (शरद पवार गुट) के बीच यह संवाद चर्चा का विषय बन गया है।
हाल की अन्य मुलाकातें और अपीलें
यह मुलाकात महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे की प्रधानमंत्री मोदी से हुई बैठक के कुछ ही दिनों बाद हो रही है। शुक्रवार को शिंदे ने अपनी पार्टी के कई सांसदों के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी।
उस मुलाकात के बाद शिंदे ने संसद की कार्यवाही ठप होने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बहस के बजाय बाहर प्रदर्शन करने में अधिक रुचि दिखा रहा है। साथ ही, उन्होंने विपक्ष से महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे विधेयकों पर सहयोग की अपील करते हुए कहा था कि जनहित के मुद्दों पर सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए।
इनपुट: IANS



