ओ चोटी काटने वाले हो सके तो ‘मुंह दिखा जा’

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ओ चोटी काटने वाले हो सके तो 'मुंह दिखा जा'
ओ चोटी काटने वाले हो सके तो 'मुंह दिखा जा'

देश की राजधानी दिल्ली समेत आस-पास के इलाकों से चोटी कटने का मामला सामने आया है। जहां एक तरफ लोग इससे दहशत में है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस कयासों में उलझी हुई है। मामला ही ऐसा है कि कयासों की पुलिया तो क्या पूरा का पूरा हाइवे भी बनाया जा सकता है। यह मामला चौकानें के साथ-साथ गंभीरता से भी भरा हुआ है। हैरानी की बात तो इसीलिए है कि जिस भी महिला या लड़की की चुटिया काटी जा रही है, उसे इसकी भनक भी नहीं लग रही है, गंभीरता की बात इसलिए है कि कहीं कोई बड़ी घटना न घट जाए। तो चलो आपको बताते है कि आखिर क्या है पूरा मांजरा….

दिल्ली के छालवा इलाके के कांगनहेड़ी गांव में महिलाओं और लड़कियों की चोटी कटने का मामला सामने आया है। दरअसल, इस गांव में कल तीन महिलाओं की चोटी कट गई, चोटी कैसे कटी या किसने काटी इस बात से अभी सभी बेखबर है। इस मामलें के पीछे गांव वाले से लेकर पुलिस अलग-अलग कयासों की पुलिया बांधते नजर आये। इन कयासों पर बात बाद में करेंगे, पहले जानते है पूरी घटना। चोटी कटने की पीड़िता महिला का कहना है कि जब उसकी चोटी कटने से पहले उसे सिरदर्द हुआ, उसके बाद जब उसने देखा तो उसकी चोटी कटी हुई थी। इसी गांव की दो और महिलाओं की भी चोटी कट गई। इस घटना से पूरा गाँव दहशत में आ गया, खासकर महिला वर्ग इससे बहुत ही डर गई है, डर इतना ज्यादा है कि महिलाएं और लड़कियां कल से चोटी नहीं बना रही है।

चोटी कटने के पीछे लगाये जाने वाले कयास

घटना से परेशान गांव वाले विभिन्न प्रकार के कयास लगा रहे है। जहाँ कुछ लोग इसे जादू टोने का नाम दे रहे है तो वहीं कुछ लोग इसे अफवाहों का नाम दे रहे है। मामलें में पुलिस भी तरह तरह के कयास लगाती फिर रही है, पुलिस के मुताबिक, चोटी काटने वाला कोई घर का ही सदस्य होगा। साथ ही पुलिस यह भी कह रही है कि किसी कैमिकल का असर भी हो सकता है। इन सबके पीछे मुद्दे की बात तो यह है कि आखिर कौन है, जिसने सबकी नींदे उड़ा दी? गांव वालों की बात करे तो वह पुलिस से नाराज दिखे क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि पुलिस मामले से निजात दिलाएगी, लेकिन यह पुलिस द्वारा लगाये जा रहे कयासों को गांव वाले बेवकूफी बता रहे है।

कयासों के पीछे अंधविश्वासों का दौर
कौन है वो, जो चोटियों को कांट रहा है, क्यों कट रही है ये चोटियाँ इनके जवाब सभी खोज रहे है, ऐसे में लोग कयासों की पुलिया बांधने के साथ ही अंधविश्वास में भी डूबते जा रहे है। आपको बता दें कि जैसे ही गांव में यह पता चला कि एक महिला की चोटी कट गई है, वैसे ही अंधविश्वासों का दौर भी चल चुका है। फिर क्या अंधविश्वास से भरे लोग एक के बाद एक तरकीब निकालने लगे। दहशत से भरे हुए लोग पूजा-पाठ से लेकर तांत्रिक तक भी जा पहुँचे। मामला यहीं नहीं थमा बल्कि लोग तरह तरह के प्रयोग भी करने जुट गये।

अंधविश्वास से अफवाहों का सफर

अंधविश्वास से भरे लोग क्या क्या कर सकते है, इससे तो शायद ही कोई बेखबर होगा। सभी इस घटना से बचाव की तरकीबों को खोज रहे थे,इसी बीच एक ऐसी अफवाह फैल गई कि जो अपने घर पर हल्दी से हाथों की छाप लगाने के साथ ही नींबू, मिर्च बांध लेगा, उस घर में किसी की भी चोटी नहीं कटेगी। फिर क्या, सभी अपने घर में यह नुस्खा आजमाने लगे। अफवाह तो यह भी है कि बंगाल के जादूगर अपनी शक्ति को बढ़ाने के लिए चोटिया काट रहे है। इसके साथ ही उन्हें 1008 चोटियां काटनी है, तो अभी तो यह शुरूआत ही है।

आपको बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में 24 घंटे में 10 चोटियों के कटने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद गांव में शाम को लड़के और आदमी पहरा देने लगे, इनका मानना है कि जैसे ही कोई चोटी काटने के लिए गांव में प्रवेश करेगा, वैसे ही ये उसे धरदबोचेंगे।

घटना पर गौर करने पर कई बड़े सवाल सामने आते है, सवालों पर गौर किया जाए तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कौन है, जो चोटियां काट रहा है? जब चोटी कटती है, तब कोई दिखाई क्यों नहीं देता है ? क्या चोटी काटने वालों का कोई गैंग है, जो इस तरह के घटनाओं को अंजाम दे रहे है? इन सभी सवालों के पीछे एक सवाल यह भी खड़ा होता है कि कहीं ये बदमाशों की कोई नई चाल तो नहीं है?

चोटी क्यों काटी जा रही है और कौन है इसके पीछे, इसका जवाब तो पुलिस जांच-पड़ताल के बाद ही सामने आ सकता है। लेकिन ऐसे दिनदहाड़े इस तरह की घटनाओं का होना पुलिस-प्रशासन के लिए मुश्किलों का सबब बन सकती है। बहरहाल, पुलिस-प्रशासन को चाहिए कि इस मामलें को गंभीरता से ले और जल्दी से किसी नतीजे पर पहुंच कर गांव वालों को इस दहशत भरी जिन्दगी से मुक्त कराएं।

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