मुजफ्फरपुर को मिलेगी 1047 करोड़ की सौगात, CM सम्राट चौधरी करेंगे 982 योजनाओं का शिलान्यास
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को मुजफ्फरपुर जिले को एक बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। वे यहां कुल 1047.09 करोड़ रुपये की लागत वाली 982 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को मुजफ्फरपुर जिले को एक बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। वे यहां कुल 1047.09 करोड़ रुपये की लागत वाली 982 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन योजनाओं का क्रियान्वयन नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत बुडको और मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि इन परियोजनाओं से शहर में सड़क, जल निकासी, पार्क, घाट और प्रकाश व्यवस्था जैसी शहरी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने लिखा, "समावेशी, आधुनिक एवं सतत शहरी विकास के माध्यम से नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम और गुणवत्तापूर्ण बनाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
सिकंदरपुर लेक फ्रंट और अन्य परियोजनाएं
इन योजनाओं में 213.25 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही सिकंदरपुर लेक फ्रंट परियोजना भी शामिल है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह परियोजना मुजफ्फरपुर को एक "आधुनिक, स्वच्छ एवं आकर्षक शहरी पहचान" प्रदान करेगी। इस दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अंतर-जिला फकुली चेक पोस्ट का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
राज्य में नई निबंधन व्यवस्था का शुभारंभ
इससे पहले शनिवार को सीएम सम्राट चौधरी हाजीपुर में थे, जहां उन्होंने राज्य की अत्याधुनिक डिजिटल और पेपरलेस निबंधन व्यवस्था का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जिला निबंधन कार्यालय से होम रजिस्ट्रेशन, भूमि की ऑनलाइन जांच, पेपरलेस निबंधन प्रणाली और जीआईएस मैपिंग आधारित सेवाओं की शुरुआत की। साथ ही, उन्होंने मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट वाहनों को भी हरी झंडी दिखाई।
इस नई प्रणाली पर उन्होंने कहा, "अब 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे निबंधन की सुविधा उपलब्ध होगी।" उन्होंने बताया कि 75 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों और राज्य से बाहर रहने वाले लोगों के लिए भी डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। सीएम ने कहा कि यह व्यवस्था "भूमि खरीद-बिक्री में पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगी तथा खरीदारों के हितों की बेहतर रक्षा करेगी।"
इनपुट: IANS



