गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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उत्तराखंड: यूनिवर्सिटी पेपर लीक मामले में इंजीनियरिंग कॉलेज का असिस्टेंट प्रोफेसर गिरफ्तार

उत्तराखंड में परीक्षा-घोटालों पर नकेल कसने के अभियान के तहत देहरादून पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UTU) की…

उत्तराखंड: यूनिवर्सिटी पेपर लीक मामले में इंजीनियरिंग कॉलेज का असिस्टेंट प्रोफेसर गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

उत्तराखंड में परीक्षा-घोटालों पर नकेल कसने के अभियान के तहत देहरादून पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UTU) की सेमेस्टर परीक्षा का पेपर लीक करने के आरोप में एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा के असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता के रूप में हुई है।

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यह कार्रवाई यूटीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल द्वारा प्रेमनगर कोतवाली में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में कहा गया था कि 8 जुलाई को हुई सम-सेमेस्टर परीक्षा से ठीक पहले, आरोपी प्रोफेसर ने एक व्हाट्सएप ग्रुप पर छात्रों के साथ परीक्षा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न साझा किए थे।

जांच में हुआ पेपर लीक का खुलासा

परीक्षा पूरी होने के बाद जब साझा किए गए प्रश्नों का असली प्रश्नपत्र से मिलान किया गया, तो उनमें काफी समानता मिली। इसके बाद विश्वविद्यालय ने एक आंतरिक जांच समिति का गठन किया। समिति ने भी अपनी जांच में पाया कि परीक्षा से पहले छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य माध्यमों पर वही प्रश्न साझा किए गए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत सबूत जुटाए और आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने दोहराई जीरो टॉलरेंस की नीति

इस गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे भर्ती परीक्षा हो या विश्वविद्यालय की, पेपर लीक करने या परीक्षा की गोपनीयता भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में लागू सख्त नकलरोधी कानून और लगातार हो रही कार्रवाई के चलते अब तक 100 से ज्यादा नकल माफिया और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को एक निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली देना है, और यह अभियान पूरी सख्ती से जारी रहेगा।

इनपुट: IANS

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News4Social उत्तराखंड डेस्क

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