जॉर्डन: चर्च पर गोलीबारी की भारत ने की कड़ी निंदा, विदेश मंत्री बोले- आतंकवाद स्वीकार्य नहीं
भारत ने जॉर्डन के करक शहर में एक चर्च पर हुए हमले को "जघन्य" बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत इस दुख की घड़ी में जॉर्डन की सरकार और वहां के लोगों…
भारत ने जॉर्डन के करक शहर में एक चर्च पर हुए हमले को "जघन्य" बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत इस दुख की घड़ी में जॉर्डन की सरकार और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह हमला शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को हुआ था, जब बंदूकधारियों ने एक अंतिम संस्कार के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई और 40 अन्य घायल हो गए। जॉर्डन के स्वास्थ्य मंत्री इब्राहिम अल-बुदौर ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
भारत ने दोहराई आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धता
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा शनिवार को जारी एक बयान में भी इस घटना की निंदा की गई। मंत्रालय ने कहा, "हम आतंकवाद के सभी रूपों और प्रकारों की निंदा करते हैं और इस लड़ाई में अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को भी दोहराते हैं।" विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अपने बयान में इसी भावना को दोहराते हुए कहा, "हम आतंकवाद को किसी भी रूप और प्रकार को स्वीकार नहीं करते।"
पीड़ितों के प्रति संवेदना
विदेश मंत्री ने हमले पर गहरा आघात व्यक्त करते हुए कहा, "इस दुखद घटना में कई निर्दोषों की जान चली गई और कई घायल हो गए। हम पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।" विदेश मंत्रालय के बयान में भी पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई।
कैसे हुआ था हमला?
यह हमला राजधानी अम्मान से लगभग 180 किलोमीटर दक्षिण में स्थित करक के एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में हुआ। जॉर्डन के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दो पिस्तौलधारी बंदूकधारी चर्च की ओर गोली चलाते हुए दिखे। इसके बाद सेमी-ऑटोमैटिक राइफल लिए एक तीसरा हमलावर आया और गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद तीनों चर्च में घुस गए। जॉर्डन की 'पेट्रा' समाचार एजेंसी के मुताबिक, इस घटना के बाद देश में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।
इनपुट: IANS



