चुनाव आयोग अब विश्वसनीय नहीं, अपने 'पाप' छिपाने की कोशिश कर रहा: झारखंड मुक्ति मोर्चा
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि आयोग दबाव में काम कर रहा है और अपने ही फैसलों से पलट रहा है, जो उसके "पापों को छिपाने का…
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि आयोग दबाव में काम कर रहा है और अपने ही फैसलों से पलट रहा है, जो उसके "पापों को छिपाने का प्रयास" मात्र है। समाचार एजेंसी IANS से सोमवार को हुई बातचीत में जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि चुनाव आयोग अब एक विश्वसनीय संस्था नहीं रह गया है।
पांडे ने कहा, "जब से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध शुरू हुआ है, तब से आप देखिए आयोग ने कितने सुधार किए हैं। अपने ही किए गए कई कामों को खुद ही अनुचित बताया और फिर उसे सुधारा।" उनके मुताबिक, "इससे साफ है कि आयोग दबाव में काम कर रहा है।"
सरकार के खिलाफ जन आंदोलन का आह्वान
जेएमएम प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन जनादेश से होता है, लेकिन जब ऐसा न हो तो जन आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर "वोट चोरी" के दम पर सत्ता में आने का आरोप लगाते हुए कहा, "जब जनादेश न मिले, तो रास्ता यही है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक व्यापक आंदोलन हो, एक क्रांति हो। जन दबाव के आगे आखिरकार सरकार को झुकना पड़ेगा और इस्तीफा देना पड़ेगा।"
अन्य घटनाओं पर भी टिप्पणी
मनोज पांडे ने बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग की घटना को "सरकार द्वारा पोषित गुंडों का कारनामा" बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिसका नाम आ रहा है, वह जेल में बंद होने के बावजूद अंडरवर्ल्ड चला रहा है और सबको पता है कि उसे किसका समर्थन प्राप्त है।
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ पर उन्होंने सुवेंदु सरकार को पूरी तरह विफल ठहराया। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि पुलिस वीवीआईपी सुरक्षा में लगी थी और भीड़ प्रबंधन का कोई इंतजाम नहीं था। पांडे ने कहा, "उन्हें झारखंड से सीखना चाहिए।" उन्होंने रांची में दुर्गा पूजा के दौरान राज्य सरकार के मुस्तैद प्रशासन का उदाहरण दिया।
इनपुट: IANS



