सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक रिश्ते: 20 अक्टूबर से लागू होगा नया मुक्त व्यापार समझौता, दोगुना कारोबार का लक्ष्य

भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक रिश्तों को एक नई दिशा देने वाला मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर से लागू होने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल…

भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक रिश्ते: 20 अक्टूबर से लागू होगा नया मुक्त व्यापार समझौता, दोगुना कारोबार का लक्ष्य
(फोटो: IANS)

भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक रिश्तों को एक नई दिशा देने वाला मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर से लागू होने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस समझौते को दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, जिससे व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस समझौते के जरिए द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है।

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वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के मुताबिक, "एफटीए का उद्देश्य गहरी आर्थिक साझेदारी तैयार करना है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे समझौते सिर्फ आयात-निर्यात पर लगने वाले शुल्क (टैरिफ) घटाने तक ही सीमित नहीं होते, बल्कि ये व्यापार, निवेश और सप्लाई चेन को मजबूत करने वाली लंबी अवधि की साझेदारियों की नींव रखते हैं। ये नियामकीय मंजूरियों को तेज करने और कारोबार की सुगमता बढ़ाने में भी मददगार साबित होते हैं।

निवेश और सेवा क्षेत्र को बड़ी उम्मीदें

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का मानना है कि इस समझौते से निवेश के बड़े अवसर पैदा होंगे। उम्मीद है कि कृषि, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में न्यूजीलैंड से भारत में 20 अरब डॉलर तक का निवेश आ सकता है। इसके अलावा, भारत के सेवा क्षेत्र को भी काफी फायदा मिलने की संभावना है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT), पेशेवर सेवाओं, निर्माण, पर्यटन और ऑडियो-विजुअल सेवाओं जैसे भारतीय सेक्टर्स को न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी।

भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए नए अवसर

इस समझौते में भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए भी खास प्रावधान किए गए हैं। समझौते के तहत भारतीय पेशेवरों के लिए एक विशेष वीजा कोटा तय किया गया है। साथ ही, भारतीय छात्रों को न्यूजीलैंड में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद काम करने के अधिकारों का विस्तार मिलेगा, जिससे उनके लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

अन्य प्रमुख लाभ और सुरक्षा उपाय

समझौते से भारतीय दवा और मेडिकल डिवाइस निर्यातकों को भी लाभ होगा, क्योंकि न्यूजीलैंड अब विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त नियामकों द्वारा दी गई मंजूरियों को स्वीकार करेगा, जिससे बाजार में पहुंच तेज और आसान हो जाएगी। फिलहाल, भारत और न्यूजीलैंड के बीच वस्तुओं का व्यापार करीब 1.1 अरब डॉलर का है। अधिकारियों को उम्मीद है कि यह समझौता इसमें तेजी लाएगा।

हालांकि, सरकार ने भारतीय किसानों के हितों का भी ध्यान रखा है। डेयरी, चीनी, खाद्य तेल और ज्यादातर पशु मांस जैसे संवेदनशील उत्पादों को शुल्क में किसी भी तरह की रियायत के दायरे से बाहर रखा गया है।

इनपुट: IANS

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