छत्तीसगढ़: धान खरीदी में 41 लाख की गड़बड़ी, महीनों से फरार समिति प्रभारी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी प्रक्रिया में लगभग 41 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में महीनों से फरार चल रहे एक समिति…
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी प्रक्रिया में लगभग 41 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में महीनों से फरार चल रहे एक समिति प्रभारी को पुलिस ने तकनीकी निगरानी के बाद धर दबोचा है। आरोपी पर उपार्जन केंद्र के स्टॉक में हेरफेर करने का आरोप है।
पूरा मामला बागबाहरा थाना क्षेत्र के बाघामुड़ा उपार्जन केंद्र से जुड़ा है। यहां के समिति प्रभारी प्रेमसिंह ध्रुव पर आरोप है कि उन्होंने धान के स्टॉक में गड़बड़ी की। अधिकारियों द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में ऑनलाइन रिकॉर्ड और ज़मीनी हकीकत के बीच एक बड़ा अंतर पाया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, उपार्जन केंद्र के ऑनलाइन रिकॉर्ड में 1,25,878 कट्टे धान दर्ज थे। लेकिन जब अधिकारियों ने मौके पर जाकर गिनती की, तो वहां सिर्फ 1,22,574 कट्टे ही मिले। इस तरह 3,304 कट्टे (यानी 1,321.6 क्विंटल) धान कम पाया गया। सरकार के 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य के हिसाब से इस गायब धान की कुल कीमत 40,96,960 रुपये बनती है।
इस संबंध में मुनगासेर शाखा के प्रबंधक सेवकराम चंद्राकर ने इसी साल 24 जनवरी को बागबाहरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में इस गड़बड़ी के लिए समिति प्रभारी प्रेमसिंह ध्रुव को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया।
तकनीकी विश्लेषण से हुई गिरफ्तारी
मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी प्रेमसिंह ध्रुव फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन का विश्लेषण किया, जिससे उसकी मौजूदगी का सुराग मिला। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम मोखा में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी को 17 जुलाई को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस घोटाले में कोई और भी शामिल था या नहीं।
इनपुट: IANS



