दिल्ली का सार्वजनिक परिवहन बनेगा हाई-टेक: 2025 से सड़कों पर उतरेंगी 2800 नई इलेक्ट्रिक AC बसें
राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की 'पीएम ई-ड्राइव' योजना के पहले चरण के तहत दिल्ली को…
राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की 'पीएम ई-ड्राइव' योजना के पहले चरण के तहत दिल्ली को 2,800 नई वातानुकूलित (AC) लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन बसों को अगले वर्ष यानी 2025 से चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर उतारने की तैयारी है।
इस पहल का दोहरा उद्देश्य है— एक तरफ यात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक सफर मुहैया कराना, तो दूसरी तरफ शहर के प्रदूषण स्तर में कमी लाना। चूंकि ये बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी, इसलिए इनसे धुआं या कार्बन उत्सर्जन नहीं होगा, जो राजधानी की हवा को साफ करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
2029 तक 14,000 बसों का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने एक दीर्घकालिक योजना के तहत वर्ष 2028-29 तक राजधानी में बसों के बेड़े को बढ़ाकर लगभग 14,000 करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए डीजल और अन्य प्रदूषणकारी वाहनों पर निर्भरता कम करते हुए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी। विशेषज्ञों का भी मानना है कि आधुनिक और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन अपनाने से निजी वाहनों का उपयोग घटेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी।
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
इन नई एसी लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा का खास ध्यान रखा गया है। इनमें आरामदायक सीटों के साथ-साथ आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं भी होंगी। दिव्यांगजनों के लिए आसान प्रवेश, बेहतर वेंटिलेशन और प्रदूषण-मुक्त संचालन इन बसों की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं। सरकार का कहना है कि बसों के साथ-साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और संचालन व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा ताकि दिल्ली का सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह आधुनिक, हरित और तकनीक-आधारित बन सके।
इनपुट: IANS



