‘अतिरिक्त क्षमता’ के आरोपों पर चीन का पलटवार, व्यापार संरक्षणवाद के खिलाफ़ दी चेतावनी
चीन ने उन देशों के खिलाफ़ कड़ा रुख़ अपनाया है जो उसकी औद्योगिक 'अतिरिक्त क्षमता' को लेकर चिंता जता रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने व्यापारिक मुद्दों का राजनीतिकरण करने और…
चीन ने उन देशों के खिलाफ़ कड़ा रुख़ अपनाया है जो उसकी औद्योगिक 'अतिरिक्त क्षमता' को लेकर चिंता जता रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने व्यापारिक मुद्दों का राजनीतिकरण करने और संरक्षणवादी नीतियां अपनाने के खिलाफ चेतावनी दी है। यह प्रतिक्रिया अमेरिका और 13 अन्य अर्थव्यवस्थाओं द्वारा जारी एक संयुक्त मंत्रिस्तरीय वक्तव्य के बाद आई है, जिसमें चीन की 'संरचनात्मक क्षमता और उत्पादन अधिशेष' पर सवाल उठाए गए थे।
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस मुद्दे पर चीन अपना पक्ष कई बार स्पष्ट कर चुका है, जिसमें इस साल जुलाई में जारी किए गए दस्तावेज़ भी शामिल हैं। मंत्रालय ने ज़ोर देकर कहा कि क्षमता के मुद्दे को व्यापक, वस्तुनिष्ठ और निष्पक्ष दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
संरक्षणवाद और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभाव
चीन ने स्पष्ट किया है कि वह 'अतिरिक्त क्षमता' की आड़ में व्यापार संरक्षणवाद का विरोध करता है। प्रवक्ता के अनुसार, ऐसे कदम न केवल वैश्विक व्यापार व्यवस्था को बाधित करते हैं, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता के लिए भी खतरा हैं। चीन का मानना है कि इससे वैश्विक आर्थिक विकास के लिए दीर्घकालिक जोखिम पैदा हो सकते हैं।
मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित अर्थव्यवस्थाएं इन आरोपों के आधार पर चीन के हितों को नुकसान पहुंचाती हैं, तो बीजिंग आवश्यक जवाबी कदम उठाएगा। चीन ने सभी पक्षों से बहुपक्षवाद का पालन करने, बाजार के नियमों का सम्मान करने और एक खुले व समावेशी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला सहयोग ढांचे को बनाए रखने का भी आह्वान किया है।
इनपुट: IANS



