एशियन गेम्स में सोना जीतने वाली रितु श्योराण का सम्मान, बोलीं- 'सबसे बड़े मंच पर लक्ष्य पूरा हुआ'
एशियाई खेलों में कबड्डी का स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं रितु श्योराण का उनके गृह क्षेत्र चरखी दादरी में सम्मान किया गया। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने रितु को सम्मानित करते हुए उनका हौसला…
एशियाई खेलों में कबड्डी का स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं रितु श्योराण का उनके गृह क्षेत्र चरखी दादरी में सम्मान किया गया। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने रितु को सम्मानित करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। इस मौके पर रितु ने अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि उनकी टीम ने कोच और विशेषज्ञों की रणनीति पर चलते हुए यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, रितु ने एशियाई खेलों को कबड्डी खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा मंच बताया, क्योंकि यह खेल अभी ओलंपिक या कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य हर हाल में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना था।” उन्होंने इस जीत का श्रेय पूरी टीम के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ, फेडरेशन और कबड्डी को लगातार समर्थन देने वाले पदाधिकारियों को दिया।
हरियाणा के खिलाड़ियों का दबदबा
कार्यक्रम में मौजूद कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने एशियाई खेलों में भारत के शानदार प्रदर्शन में हरियाणा के खिलाड़ियों की भूमिका को सराहा। उन्होंने आँकड़े देते हुए बताया कि स्वर्ण पदक जीतने वाली 12 सदस्यीय महिला कबड्डी टीम में छह खिलाड़ी हरियाणा से थीं, जबकि पुरुष टीम के 12 में से आठ खिलाड़ी भी इसी राज्य के थे। उन्होंने हरियाणा की खेल नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य सरकार पदक विजेताओं को बड़ी पुरस्कार राशि और नौकरी देकर प्रोत्साहित करती है। पंवार ने बताया कि एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता को तीन करोड़ रुपये, जबकि ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता को सात करोड़ रुपये और क्लास-वन की नौकरी दी जाती है।
भविष्य पर नज़र और बेटियों को संदेश
भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए रितु श्योराण ने कहा कि टीम 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के लिए अभी से मेहनत करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर कबड्डी को ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों में शामिल किया जाता है, तो भारतीय टीम वहां भी बेहतरीन प्रदर्शन करेगी। रितु ने देश की बेटियों को संदेश देते हुए कहा, “पढ़ाई हो या खेल, हर क्षेत्र में पूरी मेहनत और सौ फीसदी प्रयास करना चाहिए। मेहनत के दम पर ही सफलता हासिल की जा सकती है।”
इनपुट: IANS



