चरखी दादरी फायरिंग: पुलिस मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार, लापरवाही पर 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
हरियाणा के चरखी दादरी में सिटी थाने के सामने हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने मुख्य आरोपी को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार शख्स की पहचान…
हरियाणा के चरखी दादरी में सिटी थाने के सामने हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने मुख्य आरोपी को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार शख्स की पहचान रोहित कातिया के रूप में हुई है, जिसके पैर में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान गोली लगी। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें बौंद-कलानौर लिंक रोड पर आरोपियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर पुलिस टीम ने नाकाबंदी की। जब एक सफेद रंग की कार को रुकने का इशारा किया गया, तो उसमें से उतरकर एक आरोपी ने पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस के अनुसार, एक गोली सरकारी गाड़ी के बंपर पर लगी। चेतावनी के बावजूद जब आरोपी ने दोबारा फायरिंग की, तो पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की, जिसमें वह घायल हो गया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने घायल आरोपी को मौके पर ही काबू कर लिया और उसके कब्जे से एक अवैध पिस्तौल बरामद की। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फॉरेंसिक और सीन ऑफ क्राइम टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए हैं। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही है।
लापरवाही पर कार्रवाई और घायलों का आपराधिक रिकॉर्ड
यह पूरी वारदात कोर्ट परिसर से मात्र 50 मीटर दूर सिटी थाने के ठीक सामने हुई थी। डीएसपी धीरज कुमार ने बताया कि कोर्ट परिसर और आसपास की सुरक्षा की जिम्मेदारी क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) की होती है। इसी सिलसिले में लापरवाही के चलते पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार ने कोर्ट परिसर के मुख्य गेट पर तैनात क्यूआरटी के छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, इस फायरिंग में कुल सात लोग घायल हुए थे, जिनमें से छह का आपराधिक रिकॉर्ड है। घायलों में फतेहगढ़ निवासी अमित पर हत्या समेत 21 मामले, विजय उर्फ सन्नी पर छह, अंकित पुत्र सतबीर पर पांच, और कृष्ण, कीर्तिमान व सूरजमल पर एक-एक आपराधिक मामला दर्ज है। केवल एक घायल, अंकित पुत्र सुरेश, का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
इनपुट: IANS



