सोमवार, 2 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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चक्रवात 'मुरासु' का खतरा: ओडिशा का गजपति जिला हाई अलर्ट पर, प्रशासन ने तेज कीं तैयारियां

बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के उभरने की आशंका के चलते ओडिशा का गजपति जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह तूफान आंध्र प्रदेश के तट…

चक्रवात 'मुरासु' का खतरा: ओडिशा का गजपति जिला हाई अलर्ट पर, प्रशासन ने तेज कीं तैयारियां
(फोटो: IANS)

बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के उभरने की आशंका के चलते ओडिशा का गजपति जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह तूफान आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है, लेकिन इसका असर गजपति जिले पर भी पड़ने की संभावना है। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

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यह जिला अभी चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव से उबर ही रहा था कि अब 'मुरासु' का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसे देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

प्रशासन की तैयारी और आपदा प्रबंधन

गजपति के जिला कलेक्टर अक्षय सुनील अग्रवाल ने तैयारियों का ब्योरा देते हुए बताया, "हमारी तैयारियां लगातार चल रही हैं। बंगाल की खाड़ी में मुरासु नामक चक्रवात का अनुमान लगाया गया है, जो आंध्र कोस्ट से टकराएगा। इसका असर गजपति जिले में भी पड़ सकता है।" उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और दमकल विभाग की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।

कलेक्टर के अनुसार, "हमारे जिले में फिलहाल एक ओडीआरएएफ, एक एनडीआरएफ और 12 फायर ब्रिगेड की टीमें मौजूद हैं। सरकार ने हमें एक और ओडीआरएएफ की टीम दी है, जो आज जिले में रिपोर्ट करेगी।" इसके अलावा, भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए विशेष उपकरण भी लगाए गए हैं।

लोगों की सुरक्षा और आश्रय स्थल

जिला प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 500 से ज्यादा अस्थायी चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए हैं। कलेक्टर अग्रवाल ने कहा, "हमने इसके अनुसार अपना इवैक्यूएशन प्लान तैयार कर लिया है। साइक्लोन शेल्टर को तैयार रखा गया है और लोगों के बीच माइक के जरिए अनाउंसमेंट और जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है।" निचले और जोखिम भरे इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बना ली गई है।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने गजपति जिले के लिए 2 और 3 नवंबर को 'येलो वार्निंग' जारी की है, जबकि 4 और 5 नवंबर के लिए 'ऑरेंज वार्निंग' जारी की गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग ब्लॉकों में तैनात किया गया है ताकि वे हालात पर लगातार नजर रख सकें। स्कूलों में छुट्टी के सवाल पर कलेक्टर ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई आदेश नहीं है और बारिश की स्थिति देखने के बाद ही इस पर कोई फैसला लिया जाएगा।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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