16 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पर चर्चा की थी. ‘मेकिंग एग्जाम फन: चैट विद पीएम मोदी’ नामक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री देशभर के स्चूलों के बच्चों से कई विषयों पर बात की. उन्होंने बच्चों के करियर, माँ-बाप की डांट और सफल होने के फ़ॉर्मूले पर खुलकर चर्चा की थी.
अब स्कूलों को केंद्र सरकार की तरफ से इस कार्यक्रम को लेकर एक नोटिस जारी किया गया है. प्रधानमंत्री मोदी के छात्रों को परीक्षा के गुर दिए जानें वाले भाषण को बच्चों ने सुना या नहीं, इसे लेकर स्कूलों से रिपोर्ट मांगी गई है. स्कूलों से कहा गया कि वो सबूत को तौर पर फोटो और वीडियो दिखाएं.
सभी स्कूलों में पहुंचा सर्कुलर
रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश के सभी सरकारी स्कूलों को इस मामले में निर्देश दिए हैं. इस नोटिस के तहत स्कूलों से कहा गया है कि राज्य सरकारों के समक्ष शिक्षा विभाग में सबूत जमा कराये जाएँ. एक लीडिंग अखबार की खबर के अनुसार इस मामले में देशभर के सभी शिक्षा विभागों को 19 फरवरी को एक सर्कूलर जारी किया गया. जिले के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारी को भेजे सर्कूलर में उन्हें अपनी हद में आने वाले सभी स्कूलों की संख्या, छात्रों की संख्या जिन्होंने पीएम मोदी का भाषण सुना या देखा, पीएमओ की वेबसाइट, एमएचआरडी, दूरदर्शन, माईगोवडॉटइन या इंटरनेट के अन्य संसाधनों के जरिए देखा, सभी के आकंड़े उपलब्ध कराने को कहा गया है.
मंत्रालय ने कहा नियमित फीडबैक
हालांकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस सर्कूलर पर बात करते बताया कि मंत्रालय से स्कूलों से इस तरह की कोई रिपोर्ट देने को नहीं कहा है. यह बस नियमित फीडबैक था, जिसमें कोई अनिवार्य जानकारी नहीं मांगी है. दूसरी तरफ तमिलनाडु में शिक्षा विभाग के मुख्य अधिकारी ने कहा कि उन्हें मंत्रालय से राज्य में सभी स्कूलों में फॉर्म भेजने के निर्देश दिए गए थे.
परीक्षा से पहले कुछ मन की बातें
आपको बता दें कि 16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों से अपने छात्र जीवन से जुड़ी बातें साझा कीं. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने काफी मज़ाकिया अंदाज़ अपनाते हुए छात्रों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की. उन्होंने एक मज़ेदार बात कही कि आमतौर पर छात्र ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा करते हैं, लेकिन परीक्षा दिन वे हनुमान जी की पूजा करते हैं.
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मविश्वास पर चर्चा करते हुए कहा- ‘ये तो मैं स्कूल के अंदर चुटकुले सुना देता था. लेकिन हकीकत यह है कि मन में एक भाव रहता था आत्मविश्वास का, यह बहुत आवश्यक है. आत्मविश्वास कोई जड़ी-बूटी नहीं है कि मम्मी कह दें कि एग्जाम में जाने से पहले यह टेबलेट ले लेना.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पर चर्चा: प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ कार्यक्रय में छात्रों के सामने अपने विचार रख रहे थे. इस वक़्त देशभर के स्चूलों में बोर्ड परीक्षा शुरू हो गयी है या होने वाली है. इसलिए पीएम ने छात्रों को भयमुक्त करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया. प्रधानमंत्री ने छात्रों को उनकी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि जो छात्र भाषा की वजह उनकी बातों को नहीं समझ पाए, वे उन्हें क्षमा करें.
लेखक भी बने प्रधानमंत्री
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने एग्जाम वॉरियर्स नाम की अपनी किताब का भी विमोचन किया था. इस किताब के भी पीएम मोदी ने परीक्षा को लेकर होने वाले तनाव से छुटकारा पाने के उपायों पर लिखा है. प्रधानमंत्री मोदी ने एक जगह ध्यान लगाने को लेकर छात्रों से कहा कि एकग्रता लाना कोई विशेष तौर पर सीखने की चीज़ नहीं है. हर शख्स हर दिन किसी चीज़पर एकग्रचित होता ही है, यह पढ़ने के दौरान हो सकता है, गाना सुनने और दोस्तों से बात करने के दौरान भी हो सकता है.

