Advertising
<

CAA से मचा बवाल जामिया यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स और पुलिस के बीच झड़प

313

देश भर में CAA का विरोध बड़े स्तर पर हो रहा है, लगतार केंद्र सरकार से इस कानून को बदलने के मांग की जा रही है। यहाँ तक कि कॉलेज के छात्र भी CAA के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। देश की नामी यनिवर्सिटी मे से एक जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र भी CAA के खिलाफ लगतार विरोध प्रदर्शन कर रहे है।

नौबत यहाँ तक आगयी है की दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिर्वसिटी में Citizenship Amendment Act 2019 के खिलाफ प्रदर्शन में स्टूडेंट्स और पुलिस काफी गंभीर रूप से घयाल हुए।


दिल्ली के जामिया इलाके में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन इतना जय्दा हाइप होगया कि बसों और वाहनों में आग लगा दी गई। पुलिस और स्टूडेंट्स के बीच में इस झड़प में स्टूडेंट्स और पुलिसकर्मी घायल हो गए। जामिया में इस हिंसा के खिलाफ जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिर्वसिटी छात्रों के अलावा जेएनयू और दूसरे संगठनों के लोगों ने पुलिस मुख्यालय पर धरना किया. हालांकि देर रात पुलिस द्वारा 50 छात्रों को रिहा करने के बाद सोमवार सुबह 4 बजे ये धरना खत्म हुआ।


दिल्ली पुलिस के मुताबिक़ जामिया इलाके में विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्‍थरबाजी की घटना में कई पुलिसवाले घायल हो गए. इनमें दक्षिण पूर्वी डिस्‍ट्रिक्‍ट डीसीपी, एडीशनल डीसीपी साउथ, 2 असिस्‍टेंट कमिश्‍नर, 5 स्‍टेशन हाउस ऑफिसर और इंस्‍पेक्‍टर शामिल है।


पुलिस का साथ ही यह भी बयान आया की CAA के खिलाफ प्रदर्शन इतने जोड़ो पर था की छात्र हिंसक हो गए और प्रदर्शनकारियों ने बसों में तोड़फोड़ की, आग लगा दी और वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया. इसी के बाद सिचुएशन को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, और आंसू गैस के गोले छोड़े गए।


वही स्टूडेंट्स की तरफ से यह बयान सामने आया कि पुलिस जबरन में घुसकर वह से स्टूडेंट्स को निकला और उनपर लाठीचार्ज की और उन्हें मारा, स्टूडेंट्स का यह कहना है की वो शान्तरि पूर्ण तरीके से प्रदर्शन का रहे थे, पुलिस कर्मी उनपर हावी हुए और उनके साथ जबरन मारपीट की।

जामिया इलाके में हालात अब भी तनावपूर्ण हैं. दिल्‍ली सरकार ने इलाके में स्‍कूलों की छुट्टी कर दी है, जामिया कैंपस में 5 जनवरी तक छुट्टी घोषित कर दी गई है. पुलिस अधिकारियों ने निष्‍पक्ष और स्‍वतंत्र जांच की बात कही. सोमवार को पुलिस और छात्रों के एक दल की मुलाकात हो सकती है. .
आप विधयक पर मनोज तिवारी ने हिंसा को भड़काने का संगीन आरोप भी लगया वही इस पर आप विधयक अमानतुल्लाह खान से यह बयान सामने आया कि वो कालिंदी कुंद के प्रदर्शन में शामिल थे। वो प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए वीडियो ट्वीट किया. वीडियो ट्वीट करते हुए मनीष सिसोदिया ने लिखा कि बीजेपी ने दिल्ली पुलिस से बसों में आग लगवाई है।

CAA का पूरे देश भर में पूरजोर विरोध हो रहा है जामिआ के स्टूडेंट्स के साथ पुलिस कर्मी का इस तरह से वर्तव कही से भी सही नहीं है सिचुएशन को काबू करने के नाम पर स्टूडेंट्स के साथ इस तरह का सुलुख कही से भी सही नहीं है , वो स्टूडेंट्स है न की टेररिस्ट पुलिस को उनके साथ डील करने का कोई और तरीका अपनाना चाहिए।

यह भी पढ़ें : विरोध प्रदर्शन देख गृह मंत्री ने पहली बार नागरिकता कानून में बदलाव के दिये संकेत

Advertising

वही स्टूडेंट्स को भी पुलिस के साथ सहयोग करना चाहिए, प्रोटेस्ट देश की गाइडलाइन्स और दायरे में रहकर करना चाहिए, जामिआ जैसी नमी यूनिवर्सिटी में बच्चे पढ़ने के सपने देखते है लेकिन कुछ चंद खुसनसीब बच्चे होते जिन्हे यह मौका मिला है, इसकी कदर करना काफी जरुरी है। यूनिवर्सिटीज पढ़ाई के लिए बनाई जाती अपने विचार व्यक्त करना और स्टैंड लेना सही है लेकिन ऐसे प्रोटेस्ट से देश की गरिमा को ठेस पहुंचे और इतने बड़े स्तर पर जान और माल का नुकशान हो कही से भी ठीक नहीं।