Holi 2020:जानें पिछले 100 सालों में होली किस साल फरवरी में मनाई गई
पिछले 100 सालों में होली कई बार फरवरी में मनाई गई है। 1945, 1964 और 1972 में होलिका दहन और होली दोनों फरवरी के महीने में आए थे।
झारखंड के लोक जीवन और सांस्कृतिक उत्सवों की धड़कन माने जाने वाले पारंपरिक वाद्ययंत्र 'मांदर' को अब एक विशिष्ट भौगोलिक पहचान मिल गई है। भारत सरकार की जियोग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री, चेन्नई ने इसे…
पिछले 100 सालों में होली कई बार फरवरी में मनाई गई है। 1945, 1964 और 1972 में होलिका दहन और होली दोनों फरवरी के महीने में आए थे।
आज हम आपको इतिहास से जुड़े हुए एक रोचक सवाल के बारे में बताते हैं. जिसका जवाब भी आपको यहां मिल जाएगा.
तीर्थ यात्रियों को एक बड़ा तोहफा देते हए रेलवे द्वारा 'Shri Ramayana Express' को 28 मार्च से चलाए जाने की बात सामने आई है.
रंगों का त्योहार होली का अनूठा स्थान है। होली का हिन्दू धर्म में काफी महत्व है। यह रंग, भाईचारा और अखंडता के प्रतीक के तौर पर भारतवर्ष में विख्यात है।
कहते हैं जब किसी को कहीं चैन नहीं मिलता है तो वह काशी आता है। वैसे तो काशी का नाम बनारस और वाराणसी है लेकिन जब बात धार्मिक होती है तो इसे काशी कहके ही पुकारा…
वास्तुशास्त्र का हमारी ज़िंदगी में बहुत महत्व होता है। अगर हम वास्तुशास्त्र के अनुसार अपन घरों का निर्माण कराएं तो घर में बहुत ही कम परेशानी आएगी।
ऐसा कहा जाता है कि जब किसी बच्चे का जन्म होता है तो उस दौरान चंद्रमा की स्थिति बहुत मायने रखती है।
साल 2020 की शुरुआत हो चुकी है। इस साल का पहला ग्रहण जल्द ही लगने वाला है। आपको बता दें कि इससे पहले पिछले साल सूर्यग्रहण लगा था जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हुई।