NSE का IPO आने से पहले क्यों आई 'बिकवाली' की सलाह? ब्रोकरेज फर्म ने बताई ये वजहें
देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), जल्द ही अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की तैयारी में है। लेकिन इससे पहले ही एक घरेलू ब्रोकरेज फर्म ने NSE के शेयरों पर 'बिकवाली' की…
देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), जल्द ही अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की तैयारी में है। लेकिन इससे पहले ही एक घरेलू ब्रोकरेज फर्म ने NSE के शेयरों पर 'बिकवाली' की राय देकर बाजार को चौंका दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस दुर्लभ कदम की मुख्य वजह एक्सचेंज के गिरते मार्केट शेयर और ट्रेडिंग वॉल्यूम को बताया गया है।
ब्रोकरेज फर्म दौलत कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड ने NSE की कवरेज शुरू करते हुए यह रेटिंग जारी की है, जो आमतौर पर IPO से पहले नहीं किया जाता। फर्म का मानना है कि इक्विटी डेरिवेटिव्स बाजार में NSE के ट्रेडिंग वॉल्यूम में लगातार कमी आ रही है, जिसका सीधा असर उसकी बाजार हिस्सेदारी पर पड़ रहा है। इस स्थिति में एक्सचेंज के लिए अपने ऊंचे वैल्यूएशन को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
घटता मुनाफा और कमजोर प्रदर्शन
आंकड़ों पर नजर डालें तो NSE के वित्तीय प्रदर्शन में हाल के वर्षों में कमजोरी साफ दिख रही है। एक्सचेंज की ओर से भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास जमा किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में उसकी कुल परिचालन आय 16,601.30 करोड़ रुपए थी। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष (2025) के 17,140.67 करोड़ रुपए के मुकाबले सालाना आधार पर तीन प्रतिशत से ज्यादा कम है।
सबसे बड़ी चिंता का विषय ट्रांजैक्शन चार्जेज से होने वाली आय में गिरावट है, जो NSE के राजस्व का मुख्य स्रोत है। समीक्षा अवधि में यह आय भी 13,635.76 करोड़ रुपए से घटकर 13,057.01 करोड़ रुपए रह गई, जो करीब चार प्रतिशत की सालाना गिरावट दर्शाती है।
शेयर के टारगेट प्राइस में बड़ी कटौती
अपने विश्लेषण के आधार पर, दौलत कैपिटल ने NSE के शेयर के लिए 1,550 रुपए का टारगेट प्राइस तय किया है। यह अनलिस्टेड मार्केट में चल रहे मौजूदा भाव 2,085 रुपए प्रति शेयर से करीब 26 प्रतिशत कम है। फर्म के मुताबिक, आय में गिरावट के चलते ग्रोथ की संभावनाएं सीमित हो गई हैं, जिससे मौजूदा वैल्यूएशन को सही ठहराना मुश्किल है।
इनपुट: IANS



