Bindapur Murder: कारोबारी मोहित अंतिम सांस तक लड़े हत्यारों से, CCTV में दिखा गोली लगने के बावजूद बदमाशों से बचने की कोशिश कर रहे थे मोहित h3>
मोहित की हिम्मत के आगे बदमाशों को हार माननी पड़ी और वह फरार हो गए। बैग में नौ लाख के करीब रुपये थे। जब बैग छीनने की कोशिश हुई तो मोहित बैग समेत जमीन पर गिर गए। गिरने के बावजूद मोहित ने बदमाशों का विरोध किया और दोनों पैरों से बदमाशों को हटाने की कोशिश की। इसी आपाधापी में एक बदमाश ने जमीन पर गिरे हुए मोहित को गोली मार दी। गोली मोहित के सीने में लगी। इसके बाद फायरिंग करने वाला बदमाश दूसरी तरफ भाग निकला। दूसरा बदमाश भी बाइक छोड़कर भागा। गोली लगने के बावजूद मोहित उठकर भागे। उनके पीछे मोहित के बड़े भाई रोहित भी भागते नजर आ रहे हैं। इसके बाद मोहित गिर जाते हैं। मोहित के गिरते ही रोहित वहां आते हैं और मोहित को उठाने की कोशिश करते हैं। वह मोहित का सिर अपनी गोदी में रखकर मदद के लिए चिल्लाते हैं।
करवा चौथ की वजह से शोरूम में काफी काम था
मोहित और रोहित पिता एलके अरोड़ा के साथ मिलकर आर्य समाज रोड के मार्केट में दिल्ली साड़ी हाउस के नाम से बिजनेस करते हैं। यहां 90 से अधिक स्टाफ हैं। पुलिस की टीमें इन सभी से पूछताछ कर रही है। पुलिस को शक है कि बदमाशों ने जिस तरह उनका रास्ता रोका और बैग छीना उसमें किसी की मिलीभगत हो सकती है। टेक्निकल सर्विलेंस के आधार पर भी जांच हो रही है। द्वारका के 100 पुलिसकर्मियों की 10 टीमें लगी हुई हैं। जांच में बिंदापुर थाना की टीम के अलावा द्वारका जिला के सभी स्पेशल यूनिट स्पेशल स्टाफ, एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड, जेल बेल सेल, एंटी नारकोटिक्स सेल सहित सभी टीमों को लगा दिया गया है। उनकी दुकान 30 साल पुरानी है। फेस्टिवल सीजन में यहां पर लाखों का टर्नओवर रोजाना होता है। करवाचौथ के चलते इस समय भीड़ है। यही वजह थी कि दोनों भाइयों को घर आने में देरी हो रही थी।

