Bihar Vidhan Parishad: विधान परिषद् की नौ सीटों पर चुनाव की घोषणा, मतदान और मतगणना की तारीख क्या है? h3>
बिहार विधान परिषद् की खाली होने वाली नौ सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी गई है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, 18 जून को मतदान होगा। इसी दिन रिजल्ट भी जाएगा। एक जून को बिहार परिषद् चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, आठ जून को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। वहीं नौ जून तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 11 जून तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकते हैं। मतदान और मतगणना 18 जून को होगी।
28 जून को विधान परिषद् की नौ सीटों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन नौ सीट में चार सीट फिलहाल जनता दल यूनाईटेड के पास है। दो-दो सीट भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के पास है। वहीं एक सीट कांग्रेस के पास है। वहीं नौ के अलावा एक सीट जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से खाली हुई है। इस पर उपचुनाव होना है। 2025 के चुनाव के रिजल्ट के अनुसार, अब कुल 10 में से चार सीटें जदयू के पास रहेगी। भाजपा के पास तीन सीटें आएंगी। बाकी की तीन सीटों में से एक राष्ट्रीय लोक मोर्चा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और राष्ट्रीय जनता दल को एक सीट मिल सकती है।
निशांत और दीपक प्रकाश का राज्यसभा जाना तय
विधान परिषद् चुनाव से पहले सबसे अधिक चर्चा दो बड़े नेताओं के बेटों की है। इनमें जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का नाम शामिल हैं। दोनों मंत्री बनाए गए हैं। दोनों किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। दोनों को लेकर चर्चा है कि इन्हें विधान परिषद् भेजने की तैयारी चल रही है। संभावना है कि नीतीश कुमार की खाली हुई सीट से विधान परिषद् भेजे जाएंगे। इस सीट का कार्यकाल 2030 में खत्म होगा। इधर, चर्चा यह भी है कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान एक सीट पर अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाना चाहते हैं।
राजद के लिए एक सीट पर उम्मीदवार तय करना बड़ी चुनौती
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने कहा कि राजद से मो. फारूक और सुनील कुमार सिंह की विधान परिषद की सदस्यता समाप्त हो रही है। राजद को इस विधान परिषद् चुनाव में एक सीट का नुकसान होगा। विधानसभा में सीटों की संख्या कम होने के कारण राजद के पास केवल एक ही सीट बचेगा। अब एक सीट पर तेजस्वी यादव किसे चुनाव लड़वाते हैं? यह उनके लिए चुनौती होगी।

