पटना: एरियर भुगतान के बदले मांगी 20 हजार की घूस, शिक्षा विभाग के अवर सचिव रंगे हाथ गिरफ्तार
बिहार के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है, जहाँ वेतन सत्यापन कोषांग में तैनात एक अवर सचिव को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की
बिहार के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है, जहाँ वेतन सत्यापन कोषांग में तैनात एक अवर सचिव को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने यह कार्रवाई पटना के गर्दनीबाग स्थित मिनिस्टर एन्क्लेव मोड़ के पास की। आरोपी अधिकारी की पहचान अमोद मिश्रा के रूप में हुई है।
यह कार्रवाई नालंदा जिले के नई सराय निवासी उमा शंकर उमरेबी की शिकायत पर की गई। उन्होंने निगरानी ब्यूरो से संपर्क कर बताया था कि उनके एरियर के भुगतान से जुड़े काम के बदले अवर सचिव अमोद मिश्रा 20,000 रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं।
ऐसे बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। जब रिश्वत मांगने की बात प्रथम दृष्टया सही पाई गई, तो पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने योजना बनाकर आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते समय मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी से फिलहाल पूछताछ की जा रही है, जिसके बाद उसे पटना के विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस संबंध में 1 जुलाई 2026 को निगरानी थाने में कांड संख्या-079/26 दर्ज किया गया था।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, साल 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ दर्ज यह 79वीं प्राथमिकी है। इनमें से 74 मामले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने (ट्रैप) से संबंधित हैं। ब्यूरो ने बताया कि इस साल अब तक 74 आरोपियों को घूस लेते हुए गिरफ्तार किया जा चुका है और कुल 28 लाख 5 हजार 300 रुपए की रिश्वत राशि बरामद की गई है। इससे पहले, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप मामले दर्ज हुए थे, जिनमें 37 लाख 80 हजार 300 रुपए बरामद हुए थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इनपुट: IANS



