बिहार में 16 मेडिकल कॉलेज चलेंगे PPP मॉडल पर, नीतीश कैबिनेट ने स्वास्थ्य-शिक्षा से जुड़े 17 प्रस्तावों को दी मंजूरी
बिहार सरकार ने राज्य के 16 मेडिकल और डेंटल कॉलेजों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर चलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार…
बिहार सरकार ने राज्य के 16 मेडिकल और डेंटल कॉलेजों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर चलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस अहम प्रस्ताव समेत कुल 17 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और न्यायिक व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाना है।
'सात निश्चय-3' कार्यक्रम के तहत, सरकार ने 16 ब्राउनफील्ड चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों के संचालन के लिए प्राइसवाटरहाउसकूपर्स प्राइवेट लिमिटेड (PwC) को ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त किया है। इसके लिए 8.27 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में बड़े कदम
कैबिनेट ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई और निर्णय लिए। बिहार आयुष चिकित्सा सेवा नियमावली, 2026 में संशोधन को स्वीकृति दी गई, जबकि पटना स्थित बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के लिए छह नए पद बनाए जाएंगे। राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना में भी दो सुपरन्यूमरेरी पदों के सृजन को मंजूरी मिली। खेलों को बढ़ावा देने के लिए राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी में लगभग 25 करोड़ रुपए की लागत से एक 'स्पोर्ट्स साइंस सेंटर' की स्थापना की जाएगी।
न्यायिक और प्रशासनिक ढांचे में मजबूती
न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पूर्णिया, भागलपुर और गया में NDPS एक्ट के मामलों की सुनवाई हेतु विशेष न्यायालयों के लिए 27 नए पद सृजित किए गए हैं। इसके अलावा, SC/ST एक्ट के लंबित मामलों के तेजी से निपटारे के लिए 19 अतिरिक्त विशेष अदालतें बनेंगी, जिनके लिए 171 पदों को मंजूरी दी गई। प्रशासनिक मोर्चे पर, नवादा जिले में बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF) की स्थापना के लिए 44 एकड़ सरकारी जमीन हस्तांतरित की जाएगी और उद्योग विभाग के MSME निदेशालय का पुनर्गठन होगा।
अन्य महत्वपूर्ण स्वीकृतियां
बैठक में अमृत 2.0 योजना के तहत जमालपुर और मुंगेर की जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए क्रमशः 102.22 करोड़ और 177.72 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। ज्ञान भारतम मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए 6.23 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। साथ ही, बाल एवं बालिका गृहों की सुरक्षा के लिए 330 गृह रक्षकों की तैनाती पर लगभग 14.53 करोड़ रुपए के वार्षिक व्यय को मंजूरी मिली। पूर्वी चंपारण में केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन लीज पर देने और 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' के लिए 6.12 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दिखाई गई।
इनपुट: IANS



