दरभंगा: आकाशीय बिजली की चपेट में आया जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर, शिखर और त्रिशूल क्षतिग्रस्त — 25 श्रद्धालु बचे
रविवार की देर रात दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड के होरलपट्टी गांव में एक दुर्लभ और चिंताजनक घटना घटी — मिथिलांचल की आस्था का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले प्राचीन जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर आकाशीय बिजल
रविवार की देर रात दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड के होरलपट्टी गांव में एक दुर्लभ और चिंताजनक घटना घटी — मिथिलांचल की आस्था का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले प्राचीन जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर आकाशीय बिजली गिर पड़ी। इससे मंदिर का गुंबद और शिखर पर स्थापित त्रिशूल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। राहत यह रही कि उस समय परिसर में मौजूद करीब 25 श्रद्धालु सभी सुरक्षित बचे रहे।
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, रात लगभग 11 बजे तेज बारिश और गरज के बीच यह घटना हुई। ठीक उस वक्त मंदिर में बाबा की भोग आरती और पूजा समाप्त हो चुकी थी और द्वार बंद किए जा रहे थे। श्रद्धालु गणेशजी का प्रसाद लेने के लिए बाहर खड़े थे — तभी अचानक आसमान से बिजली मंदिर के शिखर पर आ टकराई।
पुजारी ने सुनाई उस रात की आपबीती
मंदिर के पुजारी शिव शंकर गिरी ने बताया कि बिजली का वेग इतना प्रचंड था कि शिखर और त्रिशूल दोनों को भारी नुकसान पहुँचा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वर्षों पहले भी इस मंदिर पर एक बार आकाशीय बिजली गिरने की घटना हो चुकी है, हालाँकि उस समय वे वहाँ उपस्थित नहीं थे।
पुजारी गिरी ने प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से अपील की है कि मंदिर की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए शीघ्र कदम उठाए जाएँ। उनका कहना है कि यह मंदिर बिहार के कई जिलों के साथ-साथ नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं की भी आस्था से जुड़ा है, और सावन तथा अन्य धार्मिक अवसरों पर यहाँ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
ग्रामीणों ने की त्वरित मरम्मत की माँग
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर के बाहर एकत्र होने लगे। सभी की एक ही माँग थी — इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मंदिर के क्षतिग्रस्त गुंबद की जल्द-से-जल्द मरम्मत हो। लोगों का यह भी कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा उपाय भी किए जाने चाहिए। फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
इनपुट: IANS



