Corona Death: कोविड से जान गंवाने वाले स्टाफ के बच्चों की पढ़ाई के लिए दिल खोल रही हैं बड़ी कंपनियां
हाइलाइट्स:
- कंपनियों ने परिजनों के लिए कोविड सपोर्ट पॉलिसी (Covid support policy) की घोषणा की है।
- टाटा स्टील (Tata Steel) मृत एंप्लॉई के बच्चों को कंपनी ग्रेजुएशन तक पढ़ाएगी।
- मैनकाइंड फार्मा परिजनों को 5 साल की सैलरी के बराबर की रकम देगी।
- Bajaj Auto स्टाफ के बच्चों को पढ़ाई के लिए सालाना पांच लाख तक की मदद देगी ।
नई दिल्ली
देश में कोरोना के बढ़ते संकट (Covid Crisis) के बीच इस बार बहुत से लोगों की जान जाने की खबरें आ रही है। कोरोना संकट (Covid Crisis) के इस दौर में देश की कंपनियां अपने स्टाफ और उनके परिजनों के मदद के लिए खुलकर सामने आ रही हैं। कोरोनावायरस के इस दौर में टाटा स्टील (Tata Steel) से लेकर बजाज ऑटो (Bajaj Auto) और टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) तक अधिकतर कंपनियों ने अपने स्टाफ के लिए और उनके परिजनों के लिए कोविड सपोर्ट पॉलिसी (Covid support policy) की घोषणा की है।
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पढ़ाई के साथ मेडिकल सुविधा भी
देश की सबसे बड़ी मेटल प्रोड्यूसर टाटा स्टील (Tata Steel) ने हाल में ही घोषणा की है कि अगर उसके किसी एंप्लॉई की कोरोनावायरस से मौत हो जाती है तो उस उनके परिजनों को 60 साल की उम्र तक वेतन मिलता रहेगा। यह वेतन उनके निधन से ठीक पहले मिलने वाले वेतन की तर्ज पर ही होगा। टाटा स्टील (Tata Steel) ने घोषणा की है कि कंपनी अपने एम्पलाई के बच्चों के लिए मेडिकल बेनिफिट्स, हाउसिंग फैसिलिटी और उनकी पढ़ाई पर आने वाले सभी खर्च कवर करेगी। अगर कोरोनावायरस संक्रमण से टाटा स्टील (Tata Steel) के किसी एंप्लॉई की मौत हो जाती है तो उनके बच्चों को कंपनी ग्रेजुएशन तक शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
मैनकाइंड फार्मा की पहल
मैनकाइंड फार्मा (Mankind Pharma) ने घोषणा की है कि अगर उसके किसी स्टाफ की कोविड संक्रमण से मौत हो जाती है तो उनके परिजनों को 5 साल की सैलरी के बराबर की रकम दी जाएगी। यह रकम अधिकतम ₹50 लाख तक हो सकती है। इसके साथ ही कंपनी अपने स्टाफ के डिपेंडेंट को 3 साल के लिए ग्रुप मेडिकल मेडिकल पॉलिसी के तहत कवर करेगी।
बजाज ऑटो उठाएगी पढ़ाई का खर्च
बजाज ऑटो (Bajaj Auto) ने कहा है कि अगर कोरोना संक्रमण से उसके किसी स्टाफ की मौत हो जाती है तो उनके परिजनों को 2 साल तक सैलरी मिलती रहेगी। इसके लिए सैलरी के रूप में ₹2,00,000 प्रति महीने की अधिकतम लिमिट तय की गई है। इसके साथ ही कोविड-19 से मरने वाले स्टाफ के बच्चों को 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई के लिए सालाना ₹1,00,000 की मदद और ग्रेजुएशन की शिक्षा के लिए सालाना ₹5,00,000 तक की मदद मिल सकती है। पढ़ाई पूरी होने तक बजाज ऑटो (Bajaj Auto) ने अपने स्टाफ के बच्चों को यह मदद जारी रखने का फैसला किया है।
टेक महिंद्रा ने HR पॉलिसी में किया बदलाव
टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज ने कहा है कि वह कोरोना संक्रमण की वजह से जान गंवाने वाले अपने स्टाफ के बच्चों का देश के किसी भी कॉलेज से स्नातक करने का खर्च उठाएगी। टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) ने एक स्पेशल एचआर पॉलिसी लॉन्च की है। इसके तहत कोरोना की वजह से स्टाफ की जान जाने के मामले में उनके डिपेंडेंट्स के लिए एंप्लॉयमेंट, लर्निंग एंड डेवलपमेंट के साथ एजुकेशनल अपॉर्चुनिटी की व्यवस्था की जा रही है। एमवे इंडिया (Amway India) ने कोरोना की वजह से जान गंवाने वाले स्टाफ के परिजनों की वित्तीय मदद और बच्चों के लिए शैक्षणिक सपोर्ट उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
सोनालिका ट्रैक्टर की पहल
कोरोना संकट के इस दौर में बहुत सी कंपनियों ने अपने डीलर और बिजनेस पार्टनर की मदद करने का भी फैसला किया है। सोनालिका ट्रैक्टर (Sonalika Tractors) ने कहा है कि उसके डीलर में से अगर किसी की कोरोना संक्रमण की वजह से जान जाती है तो उनके परिजनों को ₹2,00,000 की मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही कंपनी ने इलाज के खर्च के रूप में ₹25000 तक की भी मदद करने की घोषणा की है।
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