ओडिशा: CMO से अहम रिपोर्टें गायब, पूर्व BJD नेता वीके पांडियन को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया
ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से दो महत्वपूर्ण जांच रिपोर्टों के गायब होने के मामले में पुलिस की जांच तेज़ हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिलसिले में सेवानिवृत्त आईएएस…
ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से दो महत्वपूर्ण जांच रिपोर्टों के गायब होने के मामले में पुलिस की जांच तेज़ हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिलसिले में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और पूर्व बीजेडी नेता वीके पांडियन को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया गया है। उन्हें 25 जुलाई को सुबह 11 बजे जोन-1 के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।
पुलिस ने पांडियन को मामले से संबंधित सभी दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी साथ लाने का निर्देश दिया है। यह मामला स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती हत्याकांड और भुवनेश्वर के एसयूएम अस्पताल में हुए अग्निकांड से जुड़ी जांच रिपोर्टों के गायब होने से संबंधित है।
जांच के दायरे में कई पूर्व अधिकारी
इस मामले में पुलिस सीएमओ से जुड़े कई वर्तमान और पूर्व अधिकारियों से पूछताछ कर रही है ताकि फाइलों का पता लगाया जा सके। वीके पांडियन से पहले, पूर्व आईटी सचिव मनोज मिश्रा से भी 18 जुलाई को करीब 30 मिनट तक पूछताछ की गई थी। इसके अलावा, तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के पूर्व प्रधान सचिव राजेश वर्मा को भी नोटिस जारी किया गया था, लेकिन वह अभी तक पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुए हैं।
क्या हैं ये गायब हुईं रिपोर्टें?
गायब हुई फाइलों में दो अहम जांच रिपोर्टें शामिल हैं। पहली रिपोर्ट न्यायमूर्ति एएस नायडू आयोग की है, जिसने स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और अन्य की हत्या की जांच की थी। दूसरी रिपोर्ट राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) की है, जो एसयूएम अस्पताल अग्निकांड मामले से संबंधित थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से गहनता से जांच की जा रही है। जांच टीम ने इससे पहले लोक सेवा भवन जाकर गृह विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग में भी पूछताछ की थी। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



