भोपाल RGPV में परीक्षा की गोपनीयता पर गंभीर सवाल, बीटेक के 9 सीलबंद प्रश्नपत्र चोरी, परीक्षा रद्द
मध्य प्रदेश के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में परीक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता पर सवाल उठ गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की र
मध्य प्रदेश के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में परीक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता पर सवाल उठ गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बीटेक चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के लिए रखे गए 9 सीलबंद प्रश्नपत्रों के लिफाफे चोरी हो गए, जिसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल परीक्षा रद्द करने का फैसला लेना पड़ा।
इस घटना के सामने आते ही विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. आलोक शर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परीक्षा को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की डायरेक्टर एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी को एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
प्रशासन की कार्रवाई और नोटिस
परीक्षा नियंत्रक को जारी किए गए नोटिस में इस घटना को "अत्यंत गंभीर और संवेदनशील" बताया गया है। कुलगुरु द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि विश्वविद्यालय पीजी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र चोरी हो गए हैं या अनाधिकृत रूप से गायब हो गए हैं। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है, "इस घटना से विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर प्रतिकूल असर पड़ता है, विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं की गोपनीयता व सुरक्षा व्यवस्था के लिए परीक्षा नियंत्रक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है।" डॉ. तिवारी को इस मामले पर तीन दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने इस घटना को व्यवस्था की गंभीर विफलता करार दिया है। उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश में अब राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की पोस्ट ग्रेजुएट परीक्षाओं के प्रश्न पत्र चोरी नहीं, बल्कि लीक हो गए हैं। जब परीक्षा की गोपनीयता ही सुरक्षित नहीं तो युवाओं का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा, बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं बताती हैं कि यह महज लापरवाही नहीं बल्कि व्यवस्था की गंभीर विफलता है।" उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इनपुट: IANS



