भारत की समुद्री विरासत स्पेन पहुंची, बार्सिलोना में INS सुदर्शिनी का स्वागत
भारतीय नौसेना का पारंपरिक पाल प्रशिक्षण पोत (Sail Training Ship) INS सुदर्शिनी अपनी लंबी समुद्री यात्रा के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर स्पेन के बार्सिलोना पहुंच गया है। यह पोत भारतीय नौसेना के…
भारतीय नौसेना का पारंपरिक पाल प्रशिक्षण पोत (Sail Training Ship) INS सुदर्शिनी अपनी लंबी समुद्री यात्रा के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर स्पेन के बार्सिलोना पहुंच गया है। यह पोत भारतीय नौसेना के अंतरमहाद्वीपीय समुद्री अभियान ‘लोकायन 2026’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दुनियाभर में शांति और मित्रता का संदेश फैलाना है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पोत 1 सितंबर को बार्सिलोना पहुंचा, जहां इसकी मौजूदगी भारत और स्पेन के बीच समुद्री साझेदारी को और मजबूती देगी।
INS सुदर्शिनी का यह दौरा सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध समुद्री परंपरा और आधुनिक नौसैनिक क्षमताओं का प्रदर्शन भी है। इस अभियान के माध्यम से भारतीय नौसेना अपने अधिकारियों और प्रशिक्षणार्थियों को समुद्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ-साथ पाल नौकायन में उत्कृष्टता का अवसर भी प्रदान कर रही है। पाल पोत पर यात्रा करना नौसैनिकों को केवल समुद्री कौशल ही नहीं सिखाता, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करता है।
सांस्कृतिक और पेशेवर आदान-प्रदान
बार्सिलोना में अपने प्रवास के दौरान, INS सुदर्शिनी पर भारतीय और स्पेनिश नौसेना के बीच कई पेशेवर और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों के साथ भी कार्यक्रम होंगे। इन आयोजनों से पोत पर सवार प्रशिक्षणार्थियों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री माहौल को करीब से समझने और विभिन्न नौसेनाओं के अनुभवों से सीखने का अनूठा अवसर मिलेगा।
आम लोगों के लिए खुला रहेगा पोत
इस दौरे का एक विशेष आकर्षण 4 सितंबर को होगा, जब INS सुदर्शिनी को आम लोगों और पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। इससे स्थानीय निवासियों को भारतीय नौसेना की समुद्री परंपराओं, पाल नौकायन की विरासत और समुद्री अन्वेषण की भावना को करीब से देखने का मौका मिलेगा। यह आयोजन भारत और स्पेन के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी बढ़ावा देगा।
इनपुट: IANS



