भारत-UK व्यापार समझौता: 15 जुलाई से बदलेगा बहुत कुछ, भारतीय पेशेवरों को मिलेगी बड़ी राहत
यूनाइटेड किंगडम (UK) में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। भारत और ब्रिटेन के बीच हुए एक नए समझौते के तहत अब उन्हें वहां पांच साल तक के लिए सोशल सिक्योरिटी में योगदान नहीं
यूनाइटेड किंगडम (UK) में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। भारत और ब्रिटेन के बीच हुए एक नए समझौते के तहत अब उन्हें वहां पांच साल तक के लिए सोशल सिक्योरिटी में योगदान नहीं देना होगा। यह राशि अब भारत में उनके प्रोविडेंट फंड (PF) खाते में जमा होगी, जिस पर उन्हें बेहतर ब्याज भी मिलेगा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की एक अहम उपलब्धि बताया है।
मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए पीयूष गोयल ने समझाया कि यह व्यवस्था 15 जुलाई से लागू हो जाएगी। अब तक, UK में दो से पांच साल तक काम करने वाले भारतीय पेशेवरों की कमाई का करीब 25% हिस्सा वहां की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में कट जाता था, जिसका उन्हें कोई सीधा फायदा नहीं मिलता था।
व्यापार और निर्यातकों के लिए नए अवसर
व्यापार के मोर्चे पर भी यह समझौता अहम बदलाव ला रहा है। 15 जुलाई से ही भारत से UK भेजे जाने वाले ज्यादातर सामानों पर कोई आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) नहीं लगेगा। पीयूष गोयल के मुताबिक, इस कदम से भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता काफी बढ़ जाएगी और देश के निर्यात को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा, "भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। इस समझौते से भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे।"
पेशेवरों के लिए कैसे काम करेगी नई व्यवस्था?
भारत और यूके के बीच 'डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन एग्रीमेंट' को भी अंतिम रूप दे दिया गया है, जो 15 जुलाई से प्रभावी होगा। इस समझौते के तहत, पांच साल तक UK में काम करने वाले भारतीय कर्मचारी वहां के सोशल सिक्योरिटी सिस्टम में योगदान देने के बजाय उस राशि को भारत में अपने पीएफ खाते में जमा करा सकेंगे। इस जमा राशि पर उन्हें 8.25% की दर से ब्याज मिलेगा और यह पूरी तरह टैक्स-फ्री होगी। मंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए भविष्य में एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा का आधार बनेगी।
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री ने मुंबई में बंट समुदाय द्वारा स्थापित शशिकिरण शेट्टी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने समुदाय के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना राष्ट्र निर्माण में एक सराहनीय योगदान है। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्थान के लगभग 3,000 विद्यार्थी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इनपुट: IANS



