भारत और सिंगापुर के बीच चौथे दौर की मंत्रिस्तरीय वार्ता 20 अगस्त को, चार भारतीय मंत्री लेंगे हिस्सा
भारत और सिंगापुर अपने व्यापक रणनीतिक संबंधों को और मजबूती देने के लिए 20 अगस्त को एक उच्च-स्तरीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, सिंगापुर में होने वाले…
भारत और सिंगापुर अपने व्यापक रणनीतिक संबंधों को और मजबूती देने के लिए 20 अगस्त को एक उच्च-स्तरीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, सिंगापुर में होने वाले इस भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (ISM R) के चौथे दौर में भारत का एक शक्तिशाली प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व देश के चार वरिष्ठ मंत्री कर रहे हैं। इनमें वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिकी व सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के सिंगापुर पहुँचने की पुष्टि भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "आईएसएमआर गोलमेज सम्मेलन में शामिल होने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर सिंगापुर पहुंचे हैं और उनका स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हुई।"
सहयोग और प्रगति की समीक्षा
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी एक बयान में बताया गया है कि यह सम्मेलन नए और उभरते क्षेत्रों में आपसी सहयोग को गति देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। बैठक के दौरान भारतीय मंत्री सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व और अपने समकक्षों के साथ विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे। यह चौथा दौर दोनों देशों को अब तक हुई पहलों की प्रगति की समीक्षा करने और भविष्य के सहयोग के रास्ते तलाशने का अवसर प्रदान करेगा।
इसी के साथ इंडिया-सिंगापुर बिजनेस राउंडटेबल का चौथा संस्करण भी आयोजित किया जाएगा, जो उद्योगपतियों और व्यवसायियों को एक रणनीतिक और परामर्श मंच उपलब्ध कराएगा।
पृष्ठभूमि और भविष्य का एजेंडा
इस अनूठे मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन की शुरुआत सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी। इसकी दूसरी बैठक अगस्त 2024 में सिंगापुर और तीसरी अगस्त 2025 में फिर नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। पिछली बैठकों में डिजिटलीकरण, कौशल विकास, सतत विकास, स्वास्थ्य, उन्नत विनिर्माण और संपर्क व्यवस्था जैसे विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ था। इन्हीं चर्चाओं के आधार पर 'इंडिया-सिंगापुर कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप (CSP) रोडमैप' तैयार हुआ था, जिसकी घोषणा सितंबर 2025 में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के भारत दौरे के दौरान की गई थी।
इनपुट: IANS



