एशिया में रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने निकले अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री, भारत दौरा एजेंडे में सबसे ऊपर
अमेरिका अपने दक्षिण और मध्य एशियाई साझेदारों के साथ संबंधों को नई मजबूती देने की कोशिश कर रहा है। इसी सिलसिले में, समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग में दक्षिण और मध्य…
अमेरिका अपने दक्षिण और मध्य एशियाई साझेदारों के साथ संबंधों को नई मजबूती देने की कोशिश कर रहा है। इसी सिलसिले में, समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग में दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के सहायक विदेश मंत्री एस. पॉल कपूर 5 से 12 अगस्त तक चार देशों की यात्रा पर हैं, जिसमें भारत भी शामिल है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और संपर्क परियोजनाओं को बढ़ावा देना है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में बताया कि कपूर का यह दौरा भारत से शुरू होगा और इसके बाद वह उज्बेकिस्तान, किर्गिज गणराज्य और कजाकिस्तान जाएंगे। अपनी यात्रा के दौरान वह इन देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ रक्षा, व्यापार, निवेश और ऊर्जा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
भारत के साथ वैश्विक साझेदारी पर जोर
भारत में होने वाली बैठकों का एजेंडा काफी व्यापक है। इसमें अमेरिका-भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। साथ ही, एक स्वतंत्र और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र, उभरती टेक्नोलॉजी, रक्षा सहयोग और आर्थिक संबंधों को लेकर भी बातचीत होगी। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका, चीन और रूस के बढ़ते प्रभाव के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखता है।
मध्य एशिया में सहयोग के नए अवसर
भारत के बाद एस. पॉल कपूर मध्य एशिया का रुख करेंगे। यहां उनका फोकस ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद से निपटने में सहयोग, सीमा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) जैसे मुद्दों पर रहेगा। इसके अलावा, अमेरिका इन देशों के साथ डिजिटल और भौतिक संपर्क परियोजनाओं के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता पर भी सहयोग बढ़ाना चाहता है।
कौन हैं एस. पॉल कपूर?
एस. पॉल कपूर भारतीय मूल के एक अमेरिकी रणनीतिक विशेषज्ञ हैं, जिनका जन्म नई दिल्ली में हुआ था। उन्होंने दक्षिण एशिया, परमाणु सुरक्षा और भारत-अमेरिका संबंधों पर गहन शोध किया है। वह पहले अमेरिकी विदेश विभाग के नीति नियोजन प्रकोष्ठ में काम कर चुके हैं। कपूर लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि अमेरिका एक मजबूत और स्वतंत्र भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन के लिए एक अहम सहयोगी मानता है।
इनपुट: IANS



