भारत में कनाडाई विश्वविद्यालयों के कैंपस खोलने पर चर्चा, शिक्षा संबंधों को मिलेगी नई मज़बूती
भारत और कनाडा के बीच शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इसमें भारत में कनाडाई विश्वविद्यालयों के कैंपस खोलने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया, ताकि दोनों…
भारत और कनाडा के बीच शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इसमें भारत में कनाडाई विश्वविद्यालयों के कैंपस खोलने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया, ताकि दोनों देशों के छात्रों और शोधकर्ताओं को नए अवसर मिल सकें। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह चर्चा केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर के बीच हुई बैठक का हिस्सा थी।
नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में कनाडा के व्यापार आयुक्त एमी एंटोनिनी भी शामिल हुए। इस दौरान दोनों पक्षों ने उच्च शिक्षा संबंधों को और मज़बूत करने, अनुसंधान में साझेदारी का विस्तार करने और छात्रों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर गहनता से बातचीत की। प्रल्हाद जोशी ने बताया कि चर्चा का एक मुख्य केंद्र बिंदु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुए समझौता ज्ञापनों को लागू करना था।
सहयोग और अवसर बढ़ाने पर ज़ोर
बैठक में भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कनाडाई विश्वविद्यालयों के लिए भारत में अपने कैंपस खोलने और शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार करने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी बात हुई। इसका उद्देश्य दोनों देशों के उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाना और शिक्षा के क्षेत्र में साझेदारी के नए रास्ते खोलना है।
इसके अलावा, अनुसंधान से जुड़े संयुक्त प्रयासों को विस्तार देने पर भी विचार किया गया। दोनों देशों के विश्वविद्यालयों और शोधकर्ताओं के बीच सहयोग बढ़ने से ज्ञान के आदान-प्रदान और नवाचार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इसी क्रम में छात्रों की आवाजाही और अकादमिक संबंधों को मज़बूत करने पर भी ज़ोर दिया गया, ताकि भारतीय और कनाडाई छात्रों को अधिक शैक्षणिक अवसर मिलें।
द्विपक्षीय संबंधों का अहम हिस्सा
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने दोहराया कि दोनों देश शैक्षणिक सहयोग को और गहरा करने तथा छात्रों व शोधकर्ताओं के लिए अवसर बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। यह बैठक भारत-कनाडा संबंधों में शिक्षा, शोध और नवाचार को सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में आगे बढ़ाने के प्रयासों का एक अहम हिस्सा है।
गौरतलब है कि पिछले महीने भारत ने फ्रांस के साथ भी उच्च शिक्षा में सहयोग को लेकर ऐसी ही वार्ता की थी। उस समय भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने फ्रांसीसी संस्थानों को भारत में कैंपस खोलने के लिए आमंत्रित किया था। तब श्री जोशी और फ्रांस के उच्च शिक्षा मंत्री फिलिप बैपटिस्ट के बीच छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं की आवाजाही समेत संस्थागत संबंधों को मज़बूत करने पर चर्चा हुई थी।
इनपुट: IANS



